Maa Rajarajeshwari Koti Haridra Kunkumarchana: भोपाल. राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सोमवार को संत श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान का आयोजन किया गया. शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ एक करोड़ अर्चन का संकल्प पूरा किया गया. आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से जुटाई गई 238 प्रकार की पूजन सामग्रियों का उपयोग किया गया. (Maa Rajarajeshwari Koti Haridra Kunkumarchana)
महाअनुष्ठान को लेकर लाल परेड ग्राउंड में भव्य मंच और पूजन की विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं. शाम 7 बजे शुरू हुए इस अनुष्ठान को करीब ढाई घंटे तक संपन्न कराने की रूपरेखा तैयार की गई थी. वाराणसी, हरिद्वार, वृंदावन और रावतपुरा सरकार देवस्थानम सहित विभिन्न धार्मिक केंद्रों से जुड़े 1100 आचार्यों ने अनुष्ठान की व्यवस्थाओं में सहभागिता की.
सीएम मोहन यादव ने संत श्री रावतपुरा सरकार से लिया आशीर्वाद
महाअनुष्ठान के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत श्री रावतपुरा सरकार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान पूज्य महाराज श्री ने मुख्यमंत्री का शॉल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया तथा उन्हें मां राजराजेश्वरी का चित्र प्रदान किया.
नेपाल से रुद्राक्ष, केरल से चांदी के सिक्के
महाअनुष्ठान की खासियत इसमें इस्तेमाल की जाने वाली विविध पूजन सामग्री रही. आयोजन के लिए नेपाल से रुद्राक्ष, केरल से 1100 चांदी के सिक्के और गुजरात के सूरत से 11 हजार साड़ियां मंगाई गईं. इसके अलावा ओडिशा से 31 हजार साबुत नारियल, कोलकाता से 21 हजार पान के पत्ते और महाराष्ट्र के भुसावल से 21 टन केले की व्यवस्था की गई.
जम्मू से 10 क्विंटल सेब, उत्तर प्रदेश के झांसी से एक लाख दीपक, छत्तीसगढ़ के रायपुर से 21 क्विंटल चावल और आगरा से 11 क्विंटल पेड़े भी पूजन एवं आयोजन की सामग्री में शामिल रहे.
मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची पूजन सामग्री
महाअनुष्ठान में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों की सामग्री भी शामिल की गई. टीकमगढ़ से 11 हजार कमल के फूल, इंदौर और खंडवा से 50 क्विंटल विभिन्न प्रकार के फूल तथा इंदौर से पांच क्विंटल पंचमेवा मंगाया गया. पन्ना से 11 लाख बिल्व पत्र और नरसिंहपुर से 21 क्विंटल गुड़ के साथ 11 हजार गन्नों की व्यवस्था की गई.
आयोजन के लिए सब्जियों, मिठाइयों, औषधियों और अन्य पूजन सामग्रियों का भी प्रबंध किया गया. देश के अलग-अलग हिस्सों से सामग्री जुटाने के पीछे अनुष्ठान को व्यापक धार्मिक स्वरूप देने की तैयारी रही.
सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना
शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस महाअनुष्ठान का उद्देश्य प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना रहा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता और विभिन्न राज्यों से आई पूजन सामग्री के कारण यह आयोजन भोपाल के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल रहा.
