मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने राज्य पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक (कॉन्स्टेबल) को लिंग परिवर्तन (जेंडर चेंज) कराने की आधिकारिक अनुमति दे दी है. अब वह जल्द ही मेडिकल प्रोसेस के कंप्लीट होने के बाद महिला से एक मर्द बन जाएगी. ये इस तरह का पहला मामला नहीं है. एमपी में पहले बी इसी तरह से दो लेडी कॉन्स्टेबल जेंडर चेंज करा चुकी हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला.
2022 में मांगी थी अनुमति
जानकारी के मुताबिक, एमपी पुलिस में पदस्थ लेडी कॉन्स्टेबल ने जनवरी 2022 में जेंडर परिवर्तन के लिए अनुमति मांगी थी. इसके साथ ही उसने शपथ पत्र भी पेश किया था. महिला कॉन्स्टेबल के आवेदन के बाद उसका मेडिकल जुलाई 2022 में गांधी मेडिकल कॉलेज में करवाया गया. लेडी कॉन्स्टेबल की जांच के बाद मनोचिकित्सक ने उसकी रिपोर्ट पेश की थी.
लेडी कॉन्स्टेबल के पक्ष में अनुशंसा
इस रिपोर्ट में जिला मेडिकल कॉलेज ने लेडी कॉन्स्टेबल के पक्ष में अनुशंसा की थी. तमाम प्रक्रियाओं के बाद लेडी कॉन्स्टेबल ने अपना आवेदन शासन को मंजूरी के लिए भेजा था. इसके बाद सीएम मोहन यादव ने इस आवेदन के तौर पर गृह विभाग को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
इससे पहले भी दो ने करवाया था
सीएम के निर्देशों का पालन करते हुए गृह विभाग ने तमाम दस्तावेजों का परीक्षण किया. इस परीक्षण के बाद अब गृह विभाग ने लेडी कॉन्स्टेबल को जेंडर चेंज कराने की अनुमति दे दी हैं. गौरतलब है कि इससे पहले 2021 में निवाड़ी और 2023 में रतलाम में एक लेडी कॉन्स्टेबल जेंडर चेंज करवा चुकी है, अब दोनों पुरुष बन गई हैं.
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