MP Rajya Sabha Election: निर्वाचन कार्यालय के बाहर बैठे कांग्रेस विधायक, कहा- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करके लोकतंत्र का गला घोंटा

भोपाल में ईसी ऑफिस के सामने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरने पर बैठे हैं.
Congress leaders staged a sit-in outside the election office in Bhopal.

भोपाल में कांग्रेस नेता निर्वाचन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे.

Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है. भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस नेता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. भोपाल में ईसी ऑफिस के सामने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरने पर बैठे हैं.

कांग्रेस नेताओं ने किया भजन-कीर्तन

कांग्रेस नेता निर्वाचन कार्यालय के सामने बैठकर भजन-कीर्तन कर रहे हैं. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनामाने तरीके से हमारे प्रत्याशी का नामांकन खारिज किया गया. बीजेपी ने निर्वाचन अधिकारी के साथ मिलकर लोकतंत्र का गला घोंट दिया है. जब तक हमारी सुनवाई नहीं होती है, तब तक हम बैठकर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे.

दिल्ली में भी EC के सामने कांग्रेस का प्रदर्शन

जैसे ही रिटर्निंग ऑफिसर ने शाम को मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को खारिज किया. इसके बाद कांग्रेस नेता सड़कों पर उतर गए. दिल्ली में वेणुगोपाल, सचिन पायलट, जयराम नरेश और भूपेश बघेल समेत तमाम नेता ईसी ऑफिस के सामने पहुंच गए. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होना पूरी तरह से असवैंधानिक है. भारत के इतिहास में अब तक ऐसा कभी नहीं है हुआ है कि किसी राज्यसभा प्रत्याशी का इस तरह नामांकन खारिज कर दिया गया हो. कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन पर एफआईआर दर्ज नहीं है, सिर्फ एक नोटिस के कारण नामांकन खारिज कर दिया गया. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश है कि छोटी-छोटी बातों पर निर्वाचन अधिकारी नामांकन खारिज नहीं कर सकता है.

जीत के लिए BJP के पास 10 विधायक कम थे

मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है. लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद अब तीनों सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है. बीजेपी के पास 164 विधायक हैं. जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं. ऐसे में बीजेपी की दो राज्यसभा सीटों पर जीत लगभग तय थी, लेकिन तीसरी सीट के लिए बीजेपी के पास 10 विधायक कम पड़ रहे थे. वहीं कांग्रेस के 64 में से 62 विधायकों को ही वोटिंग में हिस्सा लेना था, जबकि एक राज्यसभा सीट के लिए बहुमत का आंकड़ा 58 का था. ऐसे में कांग्रेस की तीसरी सीट के लिए दावेदारी मजबूत थी. लेकिन नामांकन खारिज होने के साथ ही तीसरी सीट जीतने की उम्मीद खत्म हो गई.

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