मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, जीतू पटवारी बोले- BJP ने काला अध्याय दर्ज करवा दिया
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस.
Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है. रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने इसको लेकर आदेश जारी किया है. वहीं मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. पूरे मामले पर जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने काला अध्याय दर्ज करवा दिया है.
‘सीट डकैती करके MP को कलंकित कर दिया’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा, ‘पार्टी रात-दिन मेहनत करती है. पूरे देश में वोट चोरी की चर्चा है. वोटर लिस्ट मैनिपुलेशन, विधायकों की खरीद-फरोख्त इनकी आदत है. ये मध्य प्रदेश में काला अध्याय है. सीट डकैती हो गई. पूरे देश में कुछ दिन पहले महिला आरक्षण का ढोंग किया. बीजेपी की महिला को लेकर क्या सोच है, पूरे देश ने देख लिया. बीजेपी ने मध्य प्रदेश का इतिहास कलंकित कर दिया. इसको राजनीतिक दुष्टता का नाम दिया जाता है. एक निर्वाचन अधिकारी, जो विधानसभा का सेक्रेटरी भी है. उसने भारतीय जनता पार्टी का अमली जामा पहन लिया और मध्य प्रदेश को कलंकित कर दिया. कांग्रेस पार्टी पूरी जान लगा देगी. हम पीछे नहीं हटेंगे.’
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि बीजेपी एक तरफ महिलाओं की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर ये हरकत करते हैं. ये गंभीर परिस्थितियां हमारे सामने हैं. सवाल ये है कि लोकतंत्र जीतेगा या नहीं. तानाशाही की कोशिश खत्म होगी या नहीं. हम आगे की लड़ाई लड़ेंगे.
‘सिर्फ नोटिस पर नामांकन रद्द, ऐसा देश में पहली बार हुआ’
कांग्रेस के लीगल एक्सपर्ट अजय गुप्ता ने कहा, ‘निर्वाचन अधिकारी का ऑर्डर पूरी तरह से असवैंधानिक है. जैसे रोड पर चलता हुआ आदमी होता कुछ भी गुंडई करता है, और फिर कहता है कि बाद में देख लेंगे. इसी तरह की गुंडागर्दी की जा रही है. अजय गुप्ता ने कहा हैदराबाद के न्यायालय ने धारा 223 बीएनएस के तहत नोटिस दिया था. जिसको लेकर हमने जानकारी निर्वाचन आयोग को अपने जवाब में स्पष्ट रूप से दी थी. मैं दावा करता हूं कि अगर एक भी वकालत का छात्र कह देगा कि ये आपराधिक मामलों में आता है. मैं वकालत छोड़ दूंगा. ये आपराधिक प्रकरण की श्रेणी में नहीं आता है. हमने लिखकर दिया है.’