MP News: मध्य प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, ऐसे में कांग्रेस सदन में कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक सुनील उइके ने ई-अटेंडेंस की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठा दिए. उन्होंने कहा कि ई-अटेंडेंसके डेटा की सुरक्षा की क्या गारंटी है.
मंत्री विश्वास सारंग ने दिया जवाब
इस सवाल पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने जबाब देते हुए कहा कि ई-अटेंडेंस सिस्टम से पारदर्शिता आई है. 4 फीसदी की जगह पर नेटवर्क की दिक्कत आ रही है, बाकी जगहों पर ई-अटेंडेंस सिस्टम पूरी तरह से चल रहा है. उन्होंने कहा कि सिस्टम से किसी भी प्रकार का डेटा सुरक्षा को लेकर खतरा नहीं है.
क्या है ई-अटेंडेंस
स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 जुलाई से सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और अधिकारियों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है. इसके बाद भी विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि कई शिक्षक निर्धारित नियमों के अनुसार नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर चल रहे दावे
इधर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले हजारों शिक्षकों को सीधे निलंबित किया जाएगा. इस पर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि ऐसी कोई कार्रवाई शिक्षकों पर सीधे नहीं की जा रही है. विभाग ने साफ किया है कि यदि कम उपस्थिति वाले शिक्षकों का वेतन नियमों की अनदेखी कर जारी किया जाता है, तो संबंधित संकुल प्राचार्य इसके लिए जिम्मेदार होंगे और सबसे पहले उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
विभाग के अनुसार, कम उपस्थिति की स्थिति में नियमानुसार शिक्षकों के वेतन में आनुपातिक कटौती करना अनिवार्य है और इसका पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित संकुल प्राचार्य की होगी.
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