3 Crore Property Attached: मध्य प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. दो अलग-अलग मामले में ED ने एक्शन लेते हुए जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व CEO सुनील त्रिपाठी की तीन करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया है. इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर तैनात हीरो केसवानी की 1.47 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को कुर्क कर लिया है.
त्रिपाठी पर PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई
जयश्री फूड के पूर्व सीईओ त्रिपाठी पर PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. पूर्व CEO के मकान, प्लॉट और बैंक खातों में जमा राशि को कुर्क कर लिया गया है. कंपनी के एमडी और पूर्व सीईओ को हिरासत में ले लिया गया है. आरोप है कि कंपनी के प्रोडक्ट के निर्यात की मंजूरी पाने के लिए फर्जी लैब का इस्तेमाल किया गया. हबीबगंज पुलिस थाने और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में FIR दर्ज की गई है. जांच में सामने आया है कि कंपनी के जिन प्रोडक्ट्स को निर्यात किया जा रहा था, उनमें मिलावट की जा रही थी.
फर्जी बिल और चालान से बेचा सामान
कंपनी पर आरोप है कि उत्पादों को फर्जी बिल और चालान के जरिए बेचा जा रहा था. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक दूसरी कंपनी या संस्थानों की मदद से ऐसा किया जा रहा था. इनसे मिली राशि को अलग-अलग स्तरों पर घुमाया जा रहा था और वास्तविक स्त्रोत को छिपाया गया.
आय से 286 गुना संपत्ति का खुलासा
चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनात UDC हीरो केसवानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई. केसवानी के 2005 से 2022 के बीच कुल आय 1.47 करोड़ रुपये अर्जित की. बताया जा रहा है कि ये उनकी वैध आय से 286 फीसदी ज्यादा है. उनकी पत्नी के नाम पर निवेश मिला, जिसका वे स्त्रोत नहीं बता सके.
