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MP News: उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग महिला की अंतिम यात्रा, श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए नहीं है कोई पुल

Villagers crossing the bridge for the funeral procession.

अंतिम संस्‍कार के लिए पुल पार करते ग्रामीण

MP News: मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर के हालात जमीनी हकीकत की पोल खोल रहे हैं. बीते दिनों ग्राम पंचायत मूडला खुर्द के कचनारिया गांव में एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए जो परेशानी उठानी पड़ी, वह शासन-प्रशासन के दावों की हकीकत बयां करती है.

गांव में श्मशान घाट तक जाने के लिए एक अदद पुल तक नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को उफनती नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाना पड़ा.

उफनती नदी के बीच कंधों पर शव लेकर पहुंचे ग्रामीण

गांव की एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु होने के बाद अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों के सामने कोई रास्ता नहीं बचा था. उफनती नदी के तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने कंधों पर शव उठाकर नदी पार की. इस जानलेवा सफर के दौरान जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन मजबूर ग्रामीणों के पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था. नदी में पानी का तेज बहाव होने के बावजूद ग्रामीणों ने किसी तरह नदी पार कर शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया.

बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं. बारिश के दिनों में यह समस्या और विकराल हो जाती है. नदी में पानी बढ़ने के बाद श्मशान घाट तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है. ऐसे में जब गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को अपनी जिंदगी दांव पर लगानी पड़ती है.

घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश

इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति की अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों को इस तरह अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पुल का निर्माण होने से बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या भी काफी हद तक दूर हो सकती है.

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