MP News: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने का मामला हाई कोर्ट में पहुंच गया है. मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन खारिज करने को लेकर हाई कोर्ट में चुनावी याचिका दी और रजिस्ट्रार जनरल के सामने खुद हाजिर हुईं. मीनाक्षी नटराजन ने कहा है कि नामांकन को गलत तरीके से खारिज किया गया है.
‘कॉम्प्रोमाइज्ड चुनाव आयोग के अधिकारियों ने साजिश रची’
मीनाक्षी नटराजन याचिका दायर करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुईं. इस दौरान नटराजन ने कहा, ‘जैसा कि आप सब जानते हैं कि राज्यसभा चुनाव के लिए 18 तारीख को चुनाव होना था. 8 तारीख को मैंने नामांकन भरा और 9 तारीख को स्क्रूटनी हुई. लेकिन स्क्रूटनी में पूरी तरह कॉम्प्रोमाइज्ड होते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने ये कहते हुए मेरा नामंकन खारिज कर दिया कि मैंने अदालती संज्ञान में रहते हुए मामले को छिपाया था. एक भेदभाव और पक्षपात तरीके से मेरा नामांकन खारिज किया गया. जिसके बाद मैंने अगले दिन चुनाव आयोग से भी शिकायत की और हाई कोर्ट में बात रखी. इसके बाद माननीय न्यायालय ने एक प्रक्रिया के तहत 45 दिनों में चुनावी याचिका लगाने के लिए कहा था. उसी प्रक्रिया के तहत मैं खुद रजिस्ट्रार के सामने पेश हुई थी. अब मामला कोर्ट में है तो एक कर्तव्यनिष्ठ नागरिक होने के नाते मैं इस पर ज्यााद कुछ नहीं बोलना चाहती हूं. हमको न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है.’
‘हर आंदोलनकारी को देशद्रोही साबित करने में लगी रहती है सरकार’
मीनाक्षी नटराजन ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में हो रहे प्रोटेस्ट को लेकर भी बात की. कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार हर आंदोलनकारी को देशद्रोही साबित करने की कोशिश में लग जाती है. सरकार अपने खिलाफ हर आवाज को देशद्रोही बताकर दबाने की कोशिश करती है. अब युवाओं का संघर्ष रुकने वाला नहीं है, सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है.
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