MP News: भोपाल: मध्य प्रदेश में सिंहस्थ से पहले 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले रोड प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है. इस नए रोड नेटवर्क का बड़ा सेंटर भोपाल होगा. भोपाल को सीधी और तेज सड़कों से इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और मंदसौर से जोड़ा जाएगा.
भोपाल से 4 शहरों को कनेक्टिविटी
भोपाल-जबलपुर और भोपाल-ग्वालियर रूट पर टेंडर प्रक्रिया जारी है.भोपाल-मंदसौर की DPR बन रही है. वहीं भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है. इसके साथ भोपाल के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में बायपास बनेंगे और भोपाल-विदिशा रोड को फोरलेन किया जाएगा.
बचेगा 4 घंटे तक का समय
बताते चलें कि, ग्रीनफील्ड सड़कों में मौजूदा रास्ते के बजाय एरियल रूट के आधार पर कम दूरी वाला नया अलाइनमेंट बनेगा. बीच में शहर-गांव आने पर बायपास या एलीवेटेड रोड दी जाएगी. इससे अलग-अलग रूट पर 1.5 से 4 घंटे तक की बचत होने का अनुमान है. भोपाल-इंदौर को छोड़कर बाकी सभी सड़कें MPRDC बनाएगा.
हैम मॉडल से बनेंगी कई सड़कें
हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल यानी HAM में 40% लागत सरकार और 60% निजी कंपनी लगाएगी. सरकार 15-20 साल में ब्याज समेत भुगतान करेगी। टोल सरकार वसूलेगी. उज्जैन के आसपास की सड़कें इसी मॉडल पर बन रही हैं. दो दिन पहले मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने इन प्रोजेक्ट का रिव्यू किया. DPR के बाद वास्तविक लागत 50 हजार करोड़ से ज्यादा जा सकती है.
