Vistaar NEWS

MP सरकार ने इन पेड़ों पर लगाया प्रतिबंध, देश का पांचवां राज्य बना, जानिए क्यों दिया हटाने का निर्देश

mp government bans Conocarpus and Saptaparni became fifth state

सप्तपर्णी का पेड़

MP News: अक्सर कहा जाता है कि पेड़-पौधे लगाने से पर्यावरण समृद्ध होता है. इससे वातावरण शुद्ध होता है. लोगों को साफ हवा मिलती है. इसके साथ-साथ हरियाली भी बढ़ती है. वहीं, कुछ पेड़-पौधे ऐसे होते हैं जो मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं. इनमें कोनोकॉर्पस और सप्तपर्णी के पेड़ शामिल हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने इन पर प्रतिबंध लगा दिया है.

देश का पांचवां राज्य बना

मध्य प्रदेश से पहले कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और असम इन पेड़ों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं. अब एमपी पांचवां राज्य बन चुका है. राज्य सरकार का फैसला आम लोगों के स्वास्थ्य और इकोलॉजी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. बैन लगाने के साथ-साथ सरकार का इस बारे में कहना है कि इन पेड़ों के स्थान पर स्थानीय, देशज एवं पर्यावरणीय अनुकूल प्रजातियों के पेड़-पौधों को लगाया जाएगा.

क्यों इन पेड़ों पर प्रतिबंध लगाया गया?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सप्तपर्णी (मिल्की पाइन) और कोनोकार्पस पर अध्ययन के लिए केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था. इस समिति ने स्टडी और जांच के बाद जो रिपोर्ट पेश की उसने सभी चौंका दिया. इसमें सामने आया कि ये पेड़ ह्यूमन हेल्थ के साथ ही जलवायु को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. कहा गया कि इनके स्थान पर स्थानीय प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए जाएं.

ये भी पढ़ें: NTCA को भेजी वन विभाग की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, MP में बाघों की मौत पर सवाल, कान्हा में सबसे ज्यादा 11, बांधवगढ़-पेंच में 9-9 मौतें

इन वजहों से हानिकारक हैं ये पेड़

Exit mobile version