मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां तबाही मचा रही हैं. महाकौशल और बुंदेलखंड के इलाके में बीते 15 दिनों से हो रही है लगातार बारिश के कारण नदी, तलाब, कुएं, नालें और बांध उफान पर हैं. कई बांधों में पानी झमता से ज्यादा होने के कारण उनके गेट खोलने पड़े जिससे आस-पास के गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. कई जगहों पर सड़क धसने और कच्चे मकान गिरने से जन हानि की खबरें भी सामने आई है.
चित्रकूट में बाढ़ से हालात खराब
चित्रकूट-सतना इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ का प्रकोप स्थानीय लोगों के झेलना पड़ा रहा है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. रामघाट समेत कई आश्रम और मंदिर पूरी तरह से जलमग्न हैं. प्रसाशन बचाव कार्य में जुटा हुआ हैं लेकिन बारिश न थमने की वजह से तमाम कोशिशे बेसर होती नजर आ रही हैं.
छतरपुर में स्कूल बंद
दूसरी तरफ सीधी के कैमूर पहाड़ की मूड़ा घाटी में लैंड स्लाइड के कारण सीधी-UP मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है. यूपी से सटे जिले छतरपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सभी स्कूल बंद हैं. उमरिया जिले में बाढ़ में एक महिला के वह जाने की खबर सामने आई है.
छतरपुर-लवकुशनगर मार्ग बाधित
लगातार हो रही बारिश के कारण यूपी-एमपी सीमा पर स्थित उर्मिल बांध के 3 गेट खोल दिए गए है जिस वजह से नदी में पानी का बहाव तेज है. चरण पादुका वाले इलाके में पुल के ऊपर से पानी वह रहा है. इस वजह से छतरपुर-लवकुशनगर मार्ग भी बाधित हैं.
नर्मदा नदी का बढ़ा जलस्तर
मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर पहुंच गया है. जबलपुर में बरगी बांध का जलभराव 93.33% होने के बाद 6 गेट करीब 1 मीटर खोले गए हैं. इससे नर्मदा घाटों पर 3 से 4 फीट पानी बढ़ने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों की मानें तो 4 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़ेगा. भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, चंबल संभाग में इसका ज्यादा असर दिखाई देगा.
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