MP News: मध्य प्रदेश में ग्रेड पे सुधारने समेत कई मांगों को लेकर पटवारी अनिश्नितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. पटवारी संघ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है. जिसके चलते उन्हें हड़ताल का मार्ग अपनाना पड़ा.
FIR दर्ज ना करने के आदेश
राज्य सरकार ने पटवारियों के खिलाफ FIR ना दर्ज करने के लिए कहा है. राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को पटवारियों के खिलाफ FIR ना दर्ज करने के लिए कहा है. कहा गया है कि पटवारियों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई ना की जाए. FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच पूरी की जाए.
पटवारी संघ ने क्या-क्या मांग रखी?
पटवारियों की मांग को लेकर पटवारी संघ के प्रदेश प्रमुख उपेंद्र बघेल और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के बीच बातचीत हुई. राजस्व मंत्री ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष पूरा मामला रखने की बात कही. इसके साथ ही सहानुभूतिपूर्ण रुख रखा.
- ग्रेड पे को कम से कम 4200 रुपये और पे-लेवल 7 किया जाए.
- केडर रिव्यू एवं वेतनमान विसंगति: कैडर रिव्यू को अविलंब लागू किया जाए तथा समयमान वेतनमान की विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए.
- विभागीय परीक्षा के आदेश: नायब तहसीलदार के पद हेतु विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित करवाने के स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं.
- नियम विरुद्ध स्थानांतरण रद्द हों: पटवारी संघ के पदाधिकारियों के जो नियम विरुद्ध स्थानांतरण किए गए हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए.
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टाइमलाइन से समझिए
- 15 से 17 जुलाई तक पटवारी तीन दिनों के सामूहिक अवकाश पर रहे.
- इसके बाद वे सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर हो गए. अधिकारियों के क्विक एक्शन कार्रवाई पर भी ध्यान नहीं दिया.
- जब सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए.
