Bhopal Program Cancelled: मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद एक बार फिर पार्टी में एक्टिव दिखाई देने लगे हैं. दो दिन पहले उन्होंने भोपाल स्थित अपने घर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात थी. अब दिल्ली में नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है. दिल्ली में उनकी इस मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है.
जानकारी के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा पिछले 2-3 दिनों से भोपाल में ही रहते थे. आज गुरुवार 3 सितंबर को भोपाल के ही नीलबड़ में भाजपा पार्षद के यहां दाल-बाटी का कार्यक्रम था, जिसमें नरोत्तम मिश्रा को शामिल होना था. लेकिन उन्होंने अचानक से इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया और सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गए. दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है.
मुलाकात के क्या हो सकते हैं मायने?
नरोत्तम मिश्रा की नितिन नवीन से मुलाकात की असली वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि दतिया उपचुनाव के बाद पार्टी संगठन में चल रही कवायद को देखते हुए मुलाकात ही है. क्योंकि हाईकमान ने उपचुनाव के एक दिन बाद ही दतिया जिले की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था, जिसकी अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है.
सियासत में हर मुलाकात के अलग मायने
दतिया उपचुनाव के बाद से एमपी की राजनीति अचानक नरोत्तम मिश्रा के इर्द-गिर्द घूमने लगी है. अब नरोत्तम मिश्रा की कई बड़े नेताओं से मुलाकात को लेकर भी तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. क्योंकि सियासत में हर मुलाकात के अलग मायने होते हैं. कोई भी मुलाकात औपचारिक नहीं होती है. नितिन नवीन से मुलाकात सामान्य है या फिर बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं. अभी इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
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दतिया उपचुनाव में मिली थी करारी हार
बता दें, दतिया उपचुनाव के दौरान पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस के कुंवर घनश्याम सिंह ने आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हरा दिया. जबकि दतिया विधानसभा भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन जिस प्रकार से 2023 विधानसभा में भाजपा की हार और फिर उपचुनाव में करारी शिकस्त मिली. कहीं न कहीं यह भाजपा के लिए चिंता पैदा करने वाली खबर है. अब ऐसे में नरोत्तम मिश्रा का अचानक भोपाल का कार्यक्रम छोड़कर दिल्ली जाना और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
