MP News: राष्ट्रीय कला के मंच पर दो कलाकरों ने मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है. 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में भाेपाल में रहकर कला साधना कर रही निधि चोपड़ा को राष्ट्रीय ललित कला अकादमी पुरस्कार मिला है. वहीं, रविंद्र रॉय की कलाकृति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को थर्ड प्रिंट बिनाले इंडिया-2026 में ग्रैंड प्राइज से सम्मानित किया गया. दोनों कलाकारों की उपलब्धियों ने प्रदेश की कला प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए हैं. इसके अलावा रविंद्र रॉय की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने प्रिंट बिनाले में ग्रैंड प्राइज हासिल किया है. मध्य प्रदेश के कलाकारों को मिली इन दो उपलब्धियों ने समकालीन कला के क्षेत्र में प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई है. कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे.
‘टैंजिबल ड्रीम्स’ के लिए निधि को पुरस्कार
निधि चोपड़ा को उनकी सिरेमिक मूर्तिकला ‘टैंजिबल ड्रीम्स’ के लिए मूर्तिकला श्रेणी में सम्मानित किया गया. नई दिल्ली में जन्मीं निधि वर्तमान में भोपाल में रहकर काम कर रही हैं. उन्होंने जयपुर से मूर्तिकला में ललित कला स्नातक की पढ़ाई की है. उनकी कलाकृतियों में स्मृतियों और पहचान जैसे विषय देखने को मिलते हैं.
देश-विदेश के कला शिविरों में लिया हिस्सा
निधि चोपड़ा की कलाकृतियां ललित कला अकादमी और भारत भवन बिएनाले जैसे मंचों पर प्रदर्शित हो चुकी हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिरेमिक शिविर, राष्ट्रीय टेराकोटा शिविर और भारत-दक्षिण कोरिया सिरेमिक शिविर में भाग लिया है. वर्ष 2024 में उन्होंने चीन के लोंगक्वान में सिरेमिक रेजिडेंसी और 2025 में भोपाल के भारत भवन में राष्ट्रीय सिरेमिक शिविर में हिस्सा लिया. वह मध्य प्रदेश के विभिन्न कला महाविद्यालयों में व्याख्यान भी दे चुकी हैं.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मिला ग्रैंड प्राइज
रविंद्र रॉय की कलाकृति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को थर्ड प्रिंट बिनाले इंडिया-2026 में ग्रैंड प्राइज मिला है. प्रिंट मेकिंग में किसी सतह या प्लेट पर छवि तैयार कर उसे कागज अथवा दूसरे माध्यम पर छापा जाता है. इस कला विधा में रेखाओं, रंगों और बनावट के जरिए विचारों को अभिव्यक्त किया जाता है.
27 राज्यों से आईं 2,495 प्रविष्टियां
65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 2,495 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं. इनमें 6,175 से अधिक कलाकृतियां नामांकन के लिए प्रस्तुत की गईं. दो चरणों की निर्णायक प्रक्रिया के बाद 270 कलाकृतियों का चयन हुआ, जबकि 20 कलाकारों को राष्ट्रीय ललित कला अकादमी पुरस्कार प्रदान किए गए. इस आयोजन में चित्रकला, मूर्तिकला, रेखांकन और प्रिंट मेकिंग सहित विभिन्न कला माध्यमों को स्थान मिला.
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