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MP के 3 पूर्व मंत्रियों को खाली करना होगा सरकारी बंगला, नोटिस जारी, नरोत्तम मिश्रा को 2028 तक के लिए मिला आवास

Prabhuram Chaudhary, Arvind Singh Bhadauria, Meena Singh

प्रभुराम चौधरी, अरविंद सिंह भदौर‍िया, मीना सिंह

MP News: मध्‍य प्रदेश के तीन पूर्व मंत्रियों को बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया है. इसमें पूर्व मंत्री प्रभु राम चौधरी, अरविंद सिंह भदौरिया और मीना सिंह को नोटिस भेजा है, इसके साथ ही बंगले का किराया भी वसूला जाएगा. जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 के आखिरी सप्‍ताह में बेदखली का नोटिस जारी हुआ था. वहीं, नरोत्तम मिश्रा को 2028 तक के लिए नए सिरे से आवास आवंटित किया गया है. बंगले खाली कराने की कार्रवाई के बीच किराया वसूली भी होगी.

प्रभात झा के परिवार और पूर्व मंत्री रामपाल को भी पहले भेजा था नोटिस

भोपाल में सरकारी बंगलों के आवंटन को लेकर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी थी. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय प्रभात झा के परिवार और पूर्व मंत्री रामपाल को सरकारी आवास खाली करने के लिए पहले ही बेदखली के नोटिस जारी किए जा चुके थे. दोनों को तय समय सीमा में बंगला खाली करने के निर्देश दिए गए थे. समय पर आवास खाली नहीं करने पर प्रशासन की ओर से बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई की तैयारी भी थी.

प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी 2026 को नोटिस दिया गया था, जबकि पूर्व मंत्री रामपाल को दिसंबर के आखिरी दिनों में ही बंगला खाली करने का नोटिस मिल गया था. दोनों के पास ये सरकारी आवास लंबे समय से थे.

रामपाल 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके थे और करीब दो साल से लिंक रोड-1 स्थित सी-15 बंगले में रह रहे थे. उन्होंने नोटिस के बाद कुछ अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था. प्रभात झा का जुलाई 2024 में निधन हो गया था. 74 बंगला क्षेत्र स्थित बी-टाइप आवास उनके परिवार के पास था.

किराया वसूलने का भी था प्रावधान

नियमों के मुताबिक बी और सी टाइप बंगले मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के लिए निर्धारित थे. विधायकों को डी टाइप और उससे नीचे की श्रेणी के आवास की पात्रता थी.

विधि विभाग ने पात्रता खत्म होने के बाद भी बंगला खाली नहीं करने वालों से बढ़ा हुआ किराया वसूलने को मंजूरी दी थी. पहले तीन महीने सामान्य किराया, अगले तीन महीने 10 गुना और इसके बाद भी आवास खाली नहीं करने पर 30 गुना तक किराया वसूलने का प्रावधान था.

पहले इन नेताओं के नाम आए थे सामने

प्रज्ञा ठाकुर, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, प्रभुराम चौधरी, भूपेंद्र सिंह और मीना सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं के पास भी पात्रता से ऊंची श्रेणी के सरकारी आवास होने की जानकारी सामने आई थी. इनके मामलों में उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाना था.

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