Ground Report: MP में कम बारिश से मुसीबत में किसान; कहा- सूखने के कगार पर धान, 2-4 दिन बरसात नहीं हुई तो पूरी फसल चौपट

मौसम वैज्ञानिक का क्या कहना है कि मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री हो चुकी है, मगर ग्वालियर - चंबल संभाग में दो दिन बाद मानसून दस्तक देगा. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 6 जुलाई के बाद से तेज बारिश का दौर सभी जिलों में देखने को मिलेगा.
Less rainfall after transplantation in MP has increased the worries of farmers.

एमपी में रोपाई के बाद कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

ग्राउंड रिपोर्ट- विवेक सिंह राणा

MP News: मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री होने के बावजूद कई जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है, लगातार बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं, धान की रोपाई के बाद खेतों में पानी की कमी के कारण फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है. विस्तार न्यूज़ की टीम जब खेतों में पहुंची तो चिंता की लकीरें उनके चेहरे पर साफ दिखाई दीं. किसानों ने बताया कि अगर 2-4 दिन बारिश और नहीं होती है तो सारी फसल चौपट हो जाएगी.

रोपाई के बाद बारिश नहीं होने से खेत सूखे

प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद किसानों के चेहरे में खुशी देखने को मिल रही थी, मगर यह खुशी बारिश नहीं होने के कारण परेशानी बन गई है, क्योंकि मध्य प्रदेश में इंद्र भगवान ने किसानों को आशीर्वाद नहीं दिया, जिसके कारण कई ऐसे जिले हैं जहां पर धान की रोपाई के बावजूद भी बारिश नहीं हुई है, वही हमारे संवाददाता विवेक राणा किसानों का हाल जानने भोपाल से लगे हुए ग्रामीण इलाके खजूरी कला के खेतों में जाकर किसानों का हाल जाना. यहां किसानों ने बताया कि धान की रोपाई का समय आ गया था, जिसके चलते उन्होंने धान की रोपाई कर दी ,मगर बारिश नहीं होने के कारण अब खेत पूरी तरह सूख चुके हैं, मिट्टी में दरार आ चुकी है, जबकि बिना पानी के धान की खेती करना मुश्किल है. अगर दो दिन तक इसी प्रकार हालात रहे तो धान की फसल पूरी खराब हो जाएगी..

‘इंद्र भगवान को किसानों की सुननी चाहिए’

कुछ किसानों ने तो यह मान लिया कि इस बार धान की फसल नहीं होगी, मगर कुछ किसान मोटर पंप की सहायता से खेत में पर्याप्त मात्रा में पानी डालकर धान की रोपाई करते दिखाई दिए. हालांकि धान की रोपाई हो रही थी, मगर किसान अभी भी चिंतित था कि अभी पंप की सहायता से पानी तो जरुर डाल दूंगा, मगर आने वाले समय में यदि बारिश नहीं हुई तो यह फसल पूरी खराब हो जाएगी. वहीं किसानों का कहना है कि पूरे मध्य प्रदेश में अधिकतर इलाकों में यही समस्या है. इंद्र भगवान को मध्य प्रदेश के किसानों की सुनना चाहिए और आशीर्वाद देते हुए बारिश होना चाहिए, जिससे बची हुई धान की फसल को जीवन मिल सके.

एक्सपर्ट्स बोले- 6 जुलाई के बाद तेज बारिश का दौर

हालांकि मौसम वैज्ञानिक का क्या कहना है कि मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री हो चुकी है, मगर ग्वालियर – चंबल संभाग में दो दिन बाद मानसून दस्तक देगा. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 6 जुलाई के बाद से तेज बारिश का दौर सभी जिलों में देखने को मिलेगा. मगर अभी कई ऐसे जिले हैं, जहां पर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है.

हालांकि किसानों की परेशानी बारिश नहीं होने से बढ़ती जा रही है, वहीं प्रदेश का किसान आस लगाकर बैठा है कि भगवान इंद्रदेव कब प्रदेश के किस को आशीर्वाद देंगे, जिससे धन की फसल लहलती दिखाई दे.

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