सीधी में सरकारी स्कूल में पीने के पानी में कीड़े, प्रिंसिपल बोले- वो कैल्शियम है; क्लास में पंखा गिरने से छात्रा का सिर फूटा

वहीं पूरे मामले पर ओमप्रकाश नामदेव प्राचार्य का कहना है कि व्यवस्थाएं ठीक हैं. जिस घटना की बात की जा रही है, वाटर कूलर में कीड़े नहीं थे. वो पानी में कैल्सियम ज्यादा होने के कारण उसमें कीड़े जैसा लग रहा है.
Insects were found in the water cooler at the Government Girls College in Sidhi.

Input- शरद गौतम

MP News: सीधी जिले में सरकारी स्कूलों में जिम्मेदारों की लापरवाही से छात्राओं जिंदगी पर बन आई है. शासकीय कन्या महाविद्यालय में पीने के पानी में कीड़े मिले हैं. कक्षाओं की स्थिति बदहाल है. ना तो सही से बिजली आ रही है, ना ही पंखे सही से काम कर रहे हैं. आलम तो यह है कि कक्षाओं में लगे पंखे भी गिरने लगे हैं. क्लास के समय पंखा छात्रा के सिर पर गिर पड़ा जिससे उसका सिर फूट गया. गैर जिम्मेदार और बेशर्म जिम्मेदार अधिकारी कमियों को स्वीकार के बजाय पंखा गिरने की घटना को दबाने में जुटे हैं.

टीचर, स्टाफ भी रहे ‘कीड़े वाला’ पानी

छात्राओं की सेहत से जुड़ी बड़ी लापरवाही सामने आई है. महाविद्यालय परिसर में लगे वाटर कूलर के पानी में गंदगी और कीड़े मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया. छात्राएं पानी पीने पहुंचीं तो उन्हें वाटर कूलर के अंदर साफ तौर पर गंदगी और कीड़े दिखाई दिए, जिसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत कॉलेज प्रबंधन से की और पानी पीने से इनकार कर दिया.

जानकारी के अनुसार महाविद्यालय में करीब 5000 छात्राओं का प्रवेश है, जबकि कई टीचर और कर्मचारी प्राध्यापक और कर्मचारी भी इसी वाटर कूलर का पानी पीते रहे हैं. एक छात्रा द्वारा वाटर कूलर का ढक्कन उठाकर देखने पर अंदर की स्थिति देखकर सभी हैरान रह गए.

प्रिंसिपल बोले- वो कीड़े नहीं कैल्सियम है

वहीं पूरे मामले पर ओमप्रकाश नामदेव प्राचार्य का कहना है कि व्यवस्थाएं ठीक हैं. जिस घटना की बात की जा रही है, वाटर कूलर में कीड़े नहीं थे. वो पानी में कैल्सियम ज्यादा होने के कारण उसमें कीड़े जैसा लग रहा है. वास्तविकता ये है कि वाटर कूलर आरओ के साथ रखे गए हैं. सारी लड़कियां उसी से पानी पीती थीं. लड़कियां आईकार्ड और लाइब्रेरी कार्ड की समस्या लेकर आई हैं. एक पंखा गलती से गिर गया था, लेकिन उसके बाद मैकेनिक को बुलाकर सभी पंखे सही करवाए गए.’

‘काफी समय से पी रहे हैं गंदा पानी’

छात्रा प्रियांशी सिंह ने बताया कि सभी छात्राएं लंबे समय से इसी वाटर कूलर का पानी पी रही थीं. अब जब गंदगी और कीड़े दिखाई दिए हैं तो उन्हें अपनी सेहत की चिंता सता रही है. उन्होंने मांग की है कि या तो इस वाटर कूलर को तत्काल हटाया जाए या पूरी तरह साफ कर सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी छात्रा को जलजनित या अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा न रहे.

सीधी जिले के कन्या महाविद्यालय में कुछ दिन पहले एक छात्रा के ऊपर छत से पंखा गिरने से गंभीर चोटें आई थी.लेकिन आरोप है मामले को स्कूल प्रशासन दबाने में जुट गया. घटना के तुरंत बाद स्कूल प्राचार्य द्वारा अस्पताल में दिखाकर उसे घर भेज दिया गया.

NSUI ने कार्रवाई की मांग की

इधर एनएसयूआई के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाविद्यालय में छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. उनका कहना है कि गंदा पानी पीने से छात्राएं गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकती हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई और छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था की मांग की है.

ये भी पढे़ं: MP News: मुरैना में टूटा नाला बना आफत, जलभराव से परेशान हुए रहवासी, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ज़रूर पढ़ें