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MP News: 10 साल बाद प्रमोशन प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, 31 जुलाई तक आदेश जारी करने की तैयारी, GDA ने बुलाई बैठक

Vallabh Bhavan, Bhopal

वल्लभ भवन भोपाल

MP News: मध्य प्रदेश में लंबे समय से रुकी सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब गति पकड़ने लगी है. सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) समेत कई विभागों ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें शुरू कर दी हैं. राज्य सरकार ने सभी विभागों को 15 जुलाई तक डीपीसी की बैठकें पूरी करने और 31 जुलाई तक पदोन्नति आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं. करीब एक दशक बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है.

10 साल बाद शुरू हुई डीपीसी की बैठकें

सामान्य प्रशासन विभाग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फ्लोर सुपरवाइजर और जमादार पद पर पदोन्नति देने के लिए डीपीसी की बैठक बुलाई है. एमपी लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत गठित चार सदस्यीय समिति पात्र कर्मचारियों के नामों पर विचार कर अंतिम अनुशंसा करेगी. समिति की अध्यक्षता अपर सचिव सामान्य प्रशासन सुभाष द्विवेदी कर रहे हैं, जबकि अन्य अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है.

सभी विभागों को समयसीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

राज्य सरकार ने सभी अपर मुख्य सचिवों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को पत्र जारी कर पदोन्नति प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी करने को कहा है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई महाधिवक्ता की कानूनी राय के आधार पर की जा रही है. वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन की राय में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने पदोन्नति नियम-2025 पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है, इसलिए सरकार अपने वैधानिक अधिकारों के तहत प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है.

स्पीक संगठन ने उठाए सवाल

सामान्य पिछड़ा वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संगठन (स्पीक) ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर का कहना है कि यदि पदोन्नति पर कोई रोक नहीं थी तो वर्ष 2016 से 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति क्यों नहीं दी गई. उनका आरोप है कि सरकार ने पहले अदालत में पदोन्नति नहीं देने का आश्वासन दिया और अब उसी के विपरीत कार्रवाई कर रही है.

7 जुलाई को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

प्रमोशन में आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं पर 7 जुलाई को हाईकोर्ट में नए सिरे से सुनवाई होगी. स्पीक ने अदालत से पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करने की बात कही है. इस बीच विधानसभा सचिवालय ने पहले से स्वीकृत सूची के आधार पर 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न पदों पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार पदोन्नति प्रक्रिया को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है.

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