‘सीवेज का गंदा पानी घरों तक पहुंचा…’, भोपाल की शबरी नगर मल्‍टी झेल रही बदहाली की मार, डर के साए में रहने को मजबूर लोग

Bhopal News: राजधानी भोपाल के नेहरू नगर स्थित शबरी नगर मल्टी में रहने वाले लोगों की जिंदगी लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गुजर रही है.
Dilapidated Shabari Nagar Multi-storey Building

जर्जर शबरी नगर मल्‍टी

Bhopal News: राजधानी भोपाल के नेहरू नगर स्थित शबरी नगर मल्टी में रहने वाले लोगों की जिंदगी लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गुजर रही है. यहां सुबह की शुरुआत कचरे और सीवेज की तेज बदबू से होती है, जबकि रात होते ही जर्जर इमारतों और बारिश के दौरान बिजली गिरने जैसी घटनाओं का डर लोगों को सताने लगता है.

बारिश में बढ़ जाती हैं मुश्किलें

मल्टी में रहने वाली महिलाएं बताती हैं कि मजबूरी के कारण उन्हें यहां रहना पड़ रहा है. उनका कहना है कि बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं. नालियां जाम होने से सीवेज का गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है और पुरानी इमारतों के कारण हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.

सफाई व्यवस्था पर रहवासियों का गुस्सा

एक अन्य महिला निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम नियमित रूप से टैक्स और अन्य शुल्क तो वसूलता है, लेकिन सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता. उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि भी केवल चुनाव के समय ही इस इलाके में दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात देखकर कभी-कभी लगता है कि पहले की झुग्गियां ही बेहतर थीं.

टपकती छतें और जर्जर फ्लैट बने परेशानी

एक स्थानीय म‍हिला के अनुसार, हर बारिश उनके लिए नई परेशानी लेकर आती है. उनके फ्लैट की छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे बेडरूम और रसोई तक पानी भर जाता है. उन्होंने बताया कि करीब 15 सालों से कोई मरम्मत नहीं कराई गई है. छतों पर इतनी घास उग आई है कि वे किसी खाली मैदान जैसी दिखाई देती हैं.

एक हजार से अधिक परिवार प्रभावित

शबरी नगर में 40 से अधिक आवासीय इमारतें हैं, जिनमें कुछ करीब 15 वर्ष और कुछ 20 वर्ष से भी अधिक पुरानी हो चुकी हैं. इन भवनों में एक हजार से ज्यादा परिवार निवास करते हैं, जो रोजाना बदहाल व्यवस्था के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं.

शहर की अन्य मल्टियों का भी यही हाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल शबरी नगर तक सीमित नहीं है. शहर की अर्जुन नगर, श्याम नगर, राहुल नगर और बीडीए के अंजली कॉम्प्लेक्स जैसी कई आवासीय कॉलोनियों में भी जर्जर भवन, खुली नालियां और गंदगी आम समस्या बन चुकी है. रहवासी बताते हैं कि टैक्स देने के बावजूद उन्हें भवनों के रखरखाव का खर्च खुद उठाने के लिए कहा जाता है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं.

महापौर ने कार्रवाई का दिया भरोसा

इस मामले में महापौर मालती राय ने कहा कि जेएनयूआरएम, एएचपी, हाउसिंग बोर्ड, बीडीए और अन्य योजनाओं के तहत बने जिन भवनों की स्थिति खराब हो चुकी है, उनकी पहचान करने का काम नगर निगम ने शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर खाली करने की सूचना भी दी जाएगी. साथ ही जिन इलाकों में सीवेज, जलभराव और गंदगी की समस्या है, वहां सफाई अभियान चलाया जा रहा है और बंद आउटलेट को खोलकर जल निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.

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