Bhopal News: भोपाल में शक्कर के दामों में लगातार तेजी का दौर जारी है. फुटकर बाजार में शक्कर के भाव शगुन के 51 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. वहीं चावल, आटा और मैदा के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. रोजमर्रा की जरूरत वाली खाद्य वस्तुओं के भाव एक के बाद एक बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित होने लगा है.
पहली बार शक्कर 51 रुपये प्रति किलो
शहर के किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू ने कहा कि शक्कर के भाव शगुन के 51 रुपये प्रति किलो तक पहुंचना बाजार के लिए महत्वपूर्ण स्थिति है. व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के बीच भी यह चर्चा है कि पहली बार शक्कर शगुन के 51 रुपये के स्तर तक पहुंची है. आने वाले दिनों में लगातार त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है.
सावन माह, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, करवा चौथ और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं, जिनमें शक्कर की मांग बढ़ना स्वाभाविक है.
विवेक साहू ने कहा कि कमजोर एवं असमान मानसून, एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति, सीमित स्टॉक और आगामी त्योहारों में बढ़ने वाली मांग के कारण शक्कर के उत्पादन, उपलब्धता और बाजार भाव पर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि तेजी केवल शक्कर तक सीमित नहीं है, बल्कि चावल, आटा और मैदा जैसे रोजमर्रा के प्रमुख सफेद खाद्य पदार्थों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं.
दाम बढ़ने का असर आम आदमी की रसोई पर
विवेक साहू ने कहा कि सफेद खाद्य पदार्थों के भाव जिस तरह लगातार बढ़ रहे हैं, उसका सीधा असर आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ रहा है. शक्कर, चावल, आटा और मैदा ऐसी आवश्यक वस्तुएं हैं, जिनकी खपत प्रत्येक परिवार में नियमित रूप से होती है. इनकी कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी महीने के कुल घरेलू खर्च पर बड़ा असर डालती है.
उन्होंने सरकार से मांग की कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता की स्थिति पर गंभीरता से निगरानी रखी जाए, ताकि बढ़ती खाद्य महंगाई का बोझ आम उपभोक्ताओं पर कम किया जा सके.
कीमतों में हुआ इजाफा
शक्कर ब्रोकर रमाकांत तिवारी और थोक विक्रेता लकी थरानी ने बताया कि शक्कर की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति के चलते बाजार में भाव मजबूत बने हुए हैं. आगामी त्योहारों में मांग बढ़ने पर कीमतों में और इजाफा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
फुटकर विक्रेता प्रीतम साहू और मनीष कुकरेजा ने बताया कि बढ़े हुए भाव का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है. शक्कर के साथ अन्य रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से ग्राहकों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है.
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के अनुसार कमजोर एवं असमान मानसून, एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति, सीमित स्टॉक और आगामी त्योहारों में बढ़ने वाली मांग शक्कर के भाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण हैं. वहीं चावल, आटा और मैदा के दामों में लगातार बढ़ोतरी ने खाद्य महंगाई को लेकर चिंता और बढ़ा दी है.
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