MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है. राजधानी भोपाल में स्थित बरकतउल्ला विश्विद्यालय का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कोई भी प्रस्ताव नहीं लाया गया है. कांग्रेस विधायक आतिफ आरिफ अकील के सवाल पर सरकार ने जवाब दिया है. हालांकि सरकार ने सदन में बताया है कि संबंध में जानकारी इकट्ठा की जा रही है.
उच्च शिक्षा विभाग से पूछा था सवाल
आतिफ आरिफ अकील ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से सवाल किया था कि क्या शासन ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का फैसला लिया है. कांग्रेस विधायक ने सवाल किया था कि क्या सरकार बरकतउल्ला भोपाली को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मानती है. अगर वो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे तो महान क्रांतिकारी की भूमिका निभाने वाले डॉ बरकतउल्ला भोपाली का नाम बदलना सही है?
जिसके बाद मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब देते हुए कहा, ‘जी नहीं अभी ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. जानकारी इकट्ठा की जा रही है. किसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिए उसको शासित करने वाले अधिनियम में संशोधन विधेयक के माध्यम से करना होता है.’
बरकतउल्ला का नाम बदलने को लेकर सियासत
बता दें कि बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने जून माह के शुरुआत में यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी करने की मंजूरी दे दी थी. लेकिन शासन की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है. चर्चा इस बात पर भी थी कि यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को लेकर सरकार सदन में प्रस्ताव ला सकती है. लेकिन सरकार की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया कि अभी फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है.
पिछले कुछ दिनों से बीजेपी और हिंदू संगठन लगातार बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस की तरफ से विरोध किया जा रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नाम बदलने वाली राजनीति करती है. वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस तुष्टिकरण के कारण हिंदू जनभावनाओं का सम्मान नहीं करती है.
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