मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब देते हुए कहा, 'जी नहीं अभी ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. जानकारी इकट्ठा की जा रही है. किसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिए उसको शासित करने वाले अधिनियम में संशोधन विधेयक के माध्यम से करना होता है.'
शिक्षा मंत्रालय ने 15 जुलाई को NCTE को तथ्यात्मक सत्यापन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे. कमेटी में शिक्षा मंत्रालय, UGC, मध्य प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि और पूर्व कुलपति शामिल हैं.
दरअसल पिछले कुछ दिनों से बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को लेकर एमपी की सियासत गरमाई हुई है. जहां एक और भाजपा और हिंदू संगठन यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग की जोर शोर से कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसका विरोध कर रही है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव पारित किया है.
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के जवाहर हॉस्टल में रहने वाली फर्स्ट ईयर की छात्रा ने अपने ही सीनियर के खिलाफ रैगिंग की शिकायत की थी. जिसके बाद जांच कमेटी हॉस्टल में पहुंची थी.