MP News: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. नई नीति के तहत इस वर्ष भी प्रदेश में किसी भी शराब दुकान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा. सभी दुकानों का आवंटन मौजूदा वर्ष की दरों में 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ किया जाएगा और प्रक्रिया पूरी तरह ई-टेंडर के माध्यम से होगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष कोई नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी. साथ ही, शराब दुकानों के साथ संचालित होने वाले अहाते (बार अटैचमेंट) भी इस वर्ष बंद रहेंगे.
पवित्र नगरों में शराब दुकानों पर रोक यथावत
नर्मदा नदी के तट से 5 किलोमीटर की दूरी का प्रतिबंध और पवित्र नगरों में शराब दुकानों पर रोक यथावत रहेगी. दुकानों का आवंटन पांच दुकानों के समूह में किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक निगरानी और राजस्व प्रबंधन को सुव्यवस्थित किया जा सके. नई नीति के तहत गारंटी राशि जमा करने की प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है. अब केवल ई-चालान या ई-बैंक गारंटी ही मान्य होगी. सामान्य बैंक गारंटी और एफडी को स्वीकार नहीं किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की आशंकाएं समाप्त होंगी.
2025 -26 के लिए 17,900 करोड़ रुपये राजस्व
राजस्व की दृष्टि से सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 17,900 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि आगामी वर्ष के लिए इसे बढ़ाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी है. शराब बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों की कीमत के अनुमोदन के लिए अब अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी. वे निर्धारित पोर्टल पर स्वयं कीमत घोषित कर सकेंगी, जिससे प्रक्रिया सरल और त्वरित होगी.
नीति के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान
नीति में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि प्रदेश के आदिवासी स्व-सहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के प्रयास किए जाएंगे. इसके बदले अन्य राज्यों की हेरिटेज या विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने का प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा, विदेशों में शराब निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए फीस संरचना में संशोधन और लेबल पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है.
कैबिनेट में आबकारी नीति के अलावा कई महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट बैठक में आबकारी नीति के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए. छात्रावासों के लिए एक्सीलेंस पुरस्कार योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया. क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम तथा वर्ष 2027 से 2031 तक संचालित की जाने वाली योजनाओं के लिए 53 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई. 11वीं और 12वीं की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को जारी रखने पर सहमति बनी, जिस पर लगभग 4,230 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है. जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 840 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई, जिसमें राज्य अंश भी शामिल है.
नई आबकारी नीति में सरकार ने एक ओर राजस्व वृद्धि का लक्ष्य साधा है, वहीं दूसरी ओर संवेदनशील और धार्मिक क्षेत्रों में प्रतिबंधों को बनाए रखते हुए नियंत्रण व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है. अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बढ़ी हुई दरों और नई प्रक्रिया के बीच राजस्व लक्ष्य किस हद तक हासिल हो पाता है.
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