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मुख्यमंत्री आवास पर 16 नगर निगम के आयुक्त, महापौर और कलेक्टर्स के साथ बैठक खत्म, CM मोहन यादव बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Chief Minister Mohan Yadav (File Photo)

मुख्यमंत्री मोहन यादव(File Photo)

CM Mohan Yadav: राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर सीएम डॉ मोहन यादव ने 16 नगर निगमों के आयुक्त, महापौर और कलेक्टर्स के साथ वर्चुअल मीटिंग की. इंदौर में दूषित पानी से मौत के बाद 16 निगमों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सिस्टम सुधार पर किया जाए फोकस

मुख्यमंत्री आवास पर देर शाम हाई लेवल की मीटिंग हुई. इसमें स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और पीएचई विभाग की संयुक्त समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से उनके निगम के हाल जाने. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सिस्टम सुधार पर फोकस किया जाए.

‘लापरवाही करने पर कठोर निर्णय लिए गए’

इंदौर में दूषित पानी से मौत के मामले में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है. निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है. इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट करके जानकारी दी है. सीएम मोहन यादव ने लिखा, ‘इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी. इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं. निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है. इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं.’

पेयजल की उपलब्धता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश के सभी नगर पालिक निगम के महापौर के साथ-साथ संभागायुक्त, कलेक्टर और कमिश्नर नगर निगम के साथ बैठक लेकर नागरिकों को साफ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत के प्रति सजग और सतर्क रहें. इंदौर में हुई घटना की किसी अन्य जगह पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के तालमेल में कमी नहीं होना चाहिए. पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं. नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों को साफ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिशा निर्देश जारी कर बैठक में जानकारी दी गई. मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिशा-निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए.

इन प्रमुख बिंदुओं को लेकर मुख्यमंत्री ने दिशानिर्देश जारी किए

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