Vistaar NEWS

MP News: जनमत की तलाश में कांग्रेस, दो महीने का ‘जनमत संवाद’ मिशन; संगठन की नब्ज और नेताओं की सक्रियता की होगी परीक्षा

File Photo

File Photo

MP News: मध्य प्रदेश में कांग्रेस एक नए मिशन की ओर बढ़ रही है. जनता की नब्ज टटोलने और जमीनी मुद्दों को समझने के लिए पार्टी ‘जनमत संवाद’ अभियान शुरू करने जा रही है. इस कार्यक्रम के तहत विधानसभा स्तर पर कांग्रेस नेता लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे. खास बात यह है कि यह अभियान पूरे दो महीने तक चलेगा.

सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति

मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन ने सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है. पार्टी का मानना है कि जो नेता और कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सक्रिय रहेंगे, उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारी दी जाएगी. इसी मकसद से ‘जनमत संवाद’ अभियान की शुरुआत की जा रही है. इस अभियान के तहत खासकर वे नेता, जो विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं या चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में भेजा जाएगा. वे जनता के बीच जाकर फीडबैक लेंगे और स्थानीय मुद्दों को समझेंगे. मार्च से शुरू होने वाला यह अभियान पूरे प्रदेश में चलेगा. संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने के लिए कई दौर की बैठकों का सिलसिला भी पूरा हो चुका है. दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में जनता से सीधा संवाद किया जाएगा. सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसका भी आकलन किया जाएगा. साथ ही, जिन मुद्दों को विपक्ष सदन से लेकर सड़क तक उठाना चाहता है, उनकी पहचान भी इसी अभियान के जरिए की जाएगी.

कांग्रेस के अभियान पर BJP ने निशाना साधा

माना जा रहा है कि यह अभियान केवल जनसंपर्क नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती की कवायद भी है. पार्टी यह जानना चाहती है कि कौन से नेता क्षेत्र में सक्रिय हैं और किसकी पकड़ कमजोर है. हालांकि, कांग्रेस के इस अभियान पर बीजेपी ने निशाना साधा है. बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि कांग्रेस का संगठन जमीनी स्तर पर कमजोर है और कार्यकर्ता सक्रिय नहीं हैं. ऐसे में अभियान चलाने से क्या हासिल होगा, यह बड़ा सवाल है.

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा का दावा है कि पार्टी पहले भी गांधी चौपाल और घर-घर चलो जैसे अभियानों के जरिए लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है. उनका कहना है कि विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता की समस्याओं को उठाना कांग्रेस की परंपरा रही है और यह अभियान उसी कड़ी का हिस्सा है.

‘राजनीतिक दल की पहचान निरंतर सक्रियता से बनती है’

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गुप्ता का मानना है कि किसी भी राजनीतिक दल की पहचान केवल अभियान से नहीं बनती, बल्कि निरंतर सक्रियता से बनती है. उनके अनुसार, कांग्रेस इस अभियान के जरिए अपने नेताओं की सक्रियता और जमीनी पकड़ का आकलन करना चाहती है.

कुल मिलाकर, बीजेपी के मजबूत कैडर के सामने कांग्रेस अपने संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश में है. ‘जनमत संवाद’ अभियान के जरिए पार्टी न सिर्फ जनता के मुद्दे जुटाना चाहती है, बल्कि अपने नेताओं की राजनीतिक फिटनेस भी परखना चाहती है. अब देखना होगा कि यह अभियान कांग्रेस को जमीनी मजबूती देता है या महज एक औपचारिक कवायद बनकर रह जाता है.

ये भी पढे़ं: ACS राजेश राजौरा को मिला MP के मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार, ससुर के निधन पर CS अनुराग जैन 5 दिनों की छुट्टी पर गए

Exit mobile version