MP News: धार की भोजशाला एक बार चर्चाओं में है, क्योंकि इस साल भी बसंत पंचमी शुक्रवार को आ रही है. ऐसे में हिन्दू पक्ष भोजशाला में पूरे दिन अखंड पूजा करने पर अड़ा हुआ है, तो वहीं मुस्लिम पक्ष भी शुक्रवार होने के नाते अपने तय समय पर नमाज करने पर अड़ा हुआ है. दोनों पक्षों की मांग से प्रशासन मुसीबत में है. 23 जनवरी को भोजशाला में क्या होगा, इसका फैसला भारतीय पुरातत्व विभाग लेगा. लेकिन जिस तरह से दोनों पक्ष अड़े हुए है, उससे टकराव की स्थिति निर्मित होने के कारण हालात बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है और इन हालातों को को काबू में रखना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है.
दोपहर एक से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति
भारतीय पुरातत्व विभाग के आदेश अनुसार भोजशाला में हर मंगलवार को हिंदू पक्ष को दिन भर पूजा करने का अधिकार प्राप्त है तो शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को 1 से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति है. इसके अलावा बसंत पंचमी को हिंदू पक्ष को मंदिर में पूजा और यज्ञ करने की अनुमति प्राप्त है. लेकिन जब-जब शुक्रवार को बसंत पंचमी आई है तब तब टकराव की स्थिति निर्मित हुई है. फिर चाहें बात 2003 की हो या 2006 की, 2013 की हो या 2016 की. हर बार प्रशासन ने बलपूर्वक हस्तक्षेप कर पूजा और नमाज दोनों करवाई है, लेकिन इस बार हिन्दू पक्ष ने स्पष्ट कह दिया है कि वो जुम्मे की नमाज के लिए मंदिर खाली नहीं करेगा, वो यहां अखंड पूजा करेगा.
श्रद्धालु भोजशाला में दर्शन और पूजा अर्चना करने पहुंचे
मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला में दर्शन और पूजा अर्चना के लिए पहुंचे. यहां की माता वाघ देवी की मूर्ति वर्तमान में लंदन म्यूजियम में रखी हुई है तो हिन्दू श्रद्धालु माता की तस्वीर की पूजा अर्चना करते है. यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की भी यहीं मांग है कि बसंत पंचमी पर अखंड पूजा की अनुमति मिलनी चाहिए.
पहले हर दिन होती थी नमाज
वहीं भोजशाला में भविवत कई दशकों से दर्शन करने आ रही महिलाओं का कहना है कि पहले भोजशाला में हर दिन पूजा की जाती थी, लेकिन बाद में मौलाना कमालुद्दीन चिश्ती की दरगाह में नमाज पढ़ने आने वालों की संख्या बढ़ने के साथ उन्हें भोजशाला में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी, जिसके बाद से मुस्लिम पक्ष ने यहां कब्जा कर लिया और अब ये हालात हो गए हैं.
धार का माहौल भगवामय हुआ
बसंत पंचमी पर बड़ी संख्या में हिंदू समाजजन दर्शन और पूजा करने भोजशाला आएंगे, ऐसे में पूरे धार का माहौल भगवामय हो गया है. भोजशाला आने जाने के रास्तों पर हर दुकान मकान पर भगवा झंडे लगाए गए है. वही प्रशासन ने भी इन रास्तों पर जगह जगह बेरिकेड लगाकर पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं.
बसंत पंचमी पर अखंड यज्ञ की घोषणा
हिन्दू महासभा ने भी बसंत पंचमी पर अखंड यज्ञ करने की घोषणा की है. हिंदू महासभा पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इस बार भी पहले जैसी स्थिति निर्मित हुई तो हिन्दू महासभा बीजेपी नेताओं का देश भर में विरोध करेगी.
वहीं मुस्लिम पक्ष ने भी स्पष्ट कर दिया है कि नियमानुसार वो शुक्रवार को भोजशाला में नमाज अदा करेंगे, उनका समय निश्चित है. वो उस समय पर आकर अपनी नमाज अदा कर चले जाएंगे. हालांकि वो ये भी मानते है कि हर शुक्रवार को जितने लोग नमाज के लिए आते हैं, उनसे काफी कम संख्या में 23 जनवरी शुक्रवार को नमाज अदा करने के लिए आयेंगे. मुस्लिम पक्ष का तो अब भी यही कहना है कि भोजशाला मंदिर नहीं बल्कि मौलाना कमालुद्दीन द्वारा बनाई गई मस्जिद है.
भोजशाला के बाहर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था
बसंत पंचमी पर टकराव की स्थिति देखकर पुलिस और प्रशासन ने भोजशाला के बाहर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की है. भोजशाला के प्रवेश द्वार के नजदीक स्थित दरगाह और नजदीक कब्रिस्तान के बाहर बेरिकेड लगाकर इसे पैक कर दिया गया है. वहीं पूरे परिसर में जिग जैग बेरीकेडिंग की गई है. भोजशाला जाने के रस्ते में मौजूद मकानों के आगे टीन शेड लगाकर उन्हें पैक कर दिया गया है.
2003 में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार के समय बसंत पंचमी के अगले दिन महिलाएं देहरी पूजन के लिए भोजशाला जाने के लिए अड़ी हुई थीं, उस समय प्रशासन ने महिलाओं को गिरफ्तार कर पहले धार जेल में रखा था, फिर महिलाओं को छोड़ने का कहकर उन्हें यहां से ले जाकर इंदौर की जिला जेल में बंद कर दिया गया था. उस समय महिलाओं को 7 दिन तक जेल में रखा गया था.
‘बसंत पंचमी साल में एक ही बार आती है’
वहीं हिन्दू पक्ष ने भी स्पष्ट किया है कि बसंत पंचमी साल में एक ही बार आती है, ऐसे में हमारे पास मां का जन्मोत्सव मनाने के लिए एक ही जगह है, जबकि मुस्लिम समाज धार में स्थित 24 मस्जिदों में नजम अदा कर सकते हैं. हिंदू पक्ष इस साल अखंड पूजा करेगा यदि ऐसा नहीं हुआ और हालात बिगड़े तो इसके जिम्मेदार शहर काजी और मुस्लिम समाज ही होगा.
वहीं प्रशासन के साथ हुई बैठक में मुस्लिम समाज का दल सीमित संख्या में नमाज अदा करने की बात कह चुका है. उनका कहना है कि संविधान उन्हें जिस बात का अधिकार देता है, वो उसके अनुसार काम करेंगे, किसी के दबाव में काम नहीं करेंगे.
राजा भोज ने कराया भोजशाला का निर्माण
वहीं इतिहासकारों का मानना है कि भोजशाला का निर्माण राजा भोज द्वारा किया गया था. जबकि मौलाना कमालुद्दीन चिश्ती की दरगाह और मजार तो अहमदाबाद में है, यहां तो कब्जा करने के उद्देश्य से यह दरगाह बनाई गई है.
बसंत पंचमी पर भोजशाला में विवाद की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. पूरे धार में साढ़े 7 हजार से 8 हजार का फोर्स तैनात किया जाएगा. उसमें से आधा फोर्स अब तक धार पहुंच चुका है. पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं. पूरे इलाके पर 200 से ढाई सौ सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं.
जिला प्रशासन ने की तैयारी
वहीं बसंत पंचमी का पर्व शांतिपूर्वक मनाया जाए, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार धार पहुंचकर दोनों पक्षों के साथ बैठक कर रहे हैं. प्रशासन दोनों पक्षों से बात कर चुका है. लेकिन अभी यह तय नहीं है कि बसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा होगी या बीच में नमाज भी होगी. इसके लिए प्रशासन को भारतीय पुरातत्व विभाग के आदेश का इंतजार है. एएसआई से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार प्रशासन व्यवस्था करेगा.
बसंत पंचमी पर जिस तरह से दोनों पक्ष अपनी अपनी बात पर अड़े हुए है, उससे टकराव की स्थिति बनना तो तय है. अब इस टकराव को तभी रोक जा सकता है, जब भारतीय पुरातत्व विभाग ऐसा फैसला ले, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट हो, नहीं तो प्रशासन के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी.
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