डिंडोरी में बच्चों की जान से खिलवाड़! 4 महीने से टॉयलेट में पक रहा था मिड डे मील का खाना, जानें क्या है मामला
डिंडोरी के डोमदादर गांव में 4 महीने से शौचालय में बन रहा था मिड डे मील का खाना
MP News: सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के जरिए पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन कराया जाता है. इसका उद्देश्य बच्चों को शारीरिक और मानसिक तौर से मजबूत बनना है. इसके साथ ही छात्रों को स्कूलों की ओर आकर्षित करना भी रहा है. इसके विपरीत मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के एक स्कूल में पिछले 4 महीने से मिड डे मील का खाना टॉयलेट में बनाया जा रहा था.
120 दिनों तक 30 बच्चे खाना खाते रहे
पूरा मामला डिंडोरी जिले के शहपुरा तहसील के डोमदादर गांव का है. इस गांव के प्राथमिक स्कूल में बदबूदार और दुर्गंध से भरा खाना बच्चों को पिछले 120 दिनों से 30 बच्चों को खिलाया जाता रहा. ये भोजन स्कूली बच्चों को मिड डे मील के नाम पर दिया जाता रहा. बदबूदार खाना खाने से किसी भी वक्त बच्चों के साथ बड़ी घटना घटित हो सकती थी. घटना की शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया.
इस वजह से टॉयलेट में बन रहा था खाना
शहपुरा के बीआरसी गुरु साहू ने बताया कि किचन का शेड जर्जर कमजोर और जर्जर हो चुका था. इसके बाद सरपंच के कहने पर ही शौचालय में ही खाना पकाया जाने लगा. इसके साथ ही जानकारी मिली है कि पिछले साल दो एलपीजी सिलेंडर चोरी हो गए थे. सिलेंडर फिर से चोरी ना हों इसलिए शौचालय में खाना बनाने की अनुमति दी गई थी.
दो टीचर सस्पेंड, ग्रामीणों ने आरोप लगाए
टॉयलेट में खाने पकाने को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. कार्रवाई करते हुए जनशिक्षक समेत एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही तीन लोगों क नोटिस दिया गया है.