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मुरैना में वनरक्षक को ट्रैक्टर से कुचलने मामला, परिवार को नहीं मिली सरकारी मदद, IFS एसोसिएशन आया आगे

The Deceased Forest Guard, Harikesh

वन रक्षक हरिकेश

MP News: मुरैना में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले वन रक्षक हरिकेश गुर्जर के परिवार को समय पर सरकारी सहायता नहीं मिलने का मामला सामने आया है. जहां एक ओर शासन स्तर पर आर्थिक मदद के स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की ओर से तत्काल राहत नहीं मिल सकी. ऐसे में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों ने स्वयं आगे आकर परिवार की मदद का बीड़ा उठाया है.

क्‍या है पूरा मामला?

दरअसल, 8 अप्रैल 2026 को मुरैना जिले में रेत माफिया के ट्रैक्टर से कुचलकर वन रक्षक हरिकेश गुर्जर की मौत हो गई थी. घटना के बाद वन कर्मचारियों ने मृतक के परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता देने की मांग की, लेकिन विभागीय स्तर पर प्रावधान की जानकारी नहीं होने के कारण यह मदद जारी नहीं हो सकी.

प्रावधान के बावजूद सहायता में देरी

गौरतलब है कि वित्त विभाग द्वारा 3 अप्रैल 2025 को जारी प्रावधान के तहत किसी शासकीय सेवक की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने का नियम है, जिसे विशेष परिस्थितियों में बढ़ाकर अधिकतम 1 लाख 25 हजार रुपए तक किया जा सकता है. इसके बावजूद सहायता में हुई देरी ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आईएफएस एसोसिएशन की पहल

इधर, भारतीय वन सेवा संघ के अध्यक्ष एच.एस. मोहंता ने मृतक वन रक्षक के परिवार की मदद के लिए अपील जारी की है. उन्होंने हरिकेश गुर्जर की पत्नी लवली गुर्जर के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते की जानकारी साझा करते हुए अधिकारियों और आमजन से सीधे आर्थिक सहयोग करने की अपील की है.

निजी स्तर पर जुटाई जा रही मदद

मोहंता ने कहा कि आईएफएस अधिकारी निजी स्तर पर भी आर्थिक सहायता जुटा रहे हैं और विभागीय प्रक्रिया को तेज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द राहत मिल सके.

विभाग ने दिया आश्वासन

वहीं, वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने आश्वासन दिया है कि निर्धारित प्रावधानों के अनुसार परिवार को हरसंभव आर्थिक सहायता दी जाएगी और इस मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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