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MP News: प्रशासनिक प्रताड़ना से तंग आकर IFS अधिकारी विपिन पटेल ने इस्तीफा दिया! वेतन विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें

IFS officer Vipin Patel resigned.

IFS अधिकारी विपिन पटेल ने इस्तीफा दिया.

MP News: भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी विपिन पटेल का इस्तीफा वन विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. अधिकारी विपिन पटेल ने अपने इस्तीफे में सीधे तौर पर प्रशासनिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा है कि नियमों के तहत काम करने की कीमत उन्हें मानसिक उत्पीड़न के रूप में चुकानी पड़ी.

मामला एक निजी विनियर मशीन से जुड़ा बताया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में विनियर मशीन लगाने के लिए नियमों के विपरीत NOC जारी करने का दबाव बनाया जा रहा था. IFS अधिकारी विपिन पटेल ने वन संरक्षण अधिनियम और पर्यावरणीय नियमों का हवाला देते हुए NOC देने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद उनके खिलाफ दबाव बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई. सूत्र बताते हैं कि NOC न देने के बाद अधिकारी को बार-बार नोटिस, स्पष्टीकरण और प्रशासनिक पत्राचार के जरिए मानसिक रूप से परेशान किया गया. उनके निर्णयों पर सवाल उठाए गए और कार्यशैली को लेकर अनावश्यक आपत्तियां दर्ज की जाने लगीं.

मानसिक दबाव के चलते आत्मसम्मान को पहुंची ठेस

इसी दौरान वेतन से जुड़ा विवाद भी सामने आया. अधिकारी का आरोप है कि उनके वैधानिक वेतन और भत्तों को लेकर जानबूझकर अड़चनें पैदा की गईं. भुगतान में देरी, आपत्तियां और फाइलें रोके जाने से स्थिति और गंभीर हो गई. अपने इस्तीफे में विपिन पटेल ने लिखा है कि एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में वे नियमों और कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहते थे, लेकिन मौजूदा हालात में स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करना असंभव हो गया था. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लगातार तनाव और मानसिक दबाव के चलते उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है.

इस्तीफा के बाद अधिकारियों में मचा हडकंप

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है. अधिकारी संघों और सेवा संगठनों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. कई अधिकारी इसे ईमानदार अफसरों पर बढ़ते दबाव का उदाहरण मान रहे हैं.

फिलहाल शासन स्तर पर इस इस्तीफे को स्वीकार किया जाना बाकी है. जानकारों का मानना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो यह वन विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है. अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार इस पूरे मामले में क्या कदम उठाती है और क्या IFS अधिकारी विपिन पटेल के आरोपों की जांच कराई जाएगी या नहीं.

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