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Chhindwara Vistaar Samman: ‘छिंदवाड़ा के विकास में सबका योगदान रहा…’, बोलीं पूर्व राज्यपाल अनसुइया उइके

Former Governor Anusuiya Uikey

पूर्व राज्यपाल अनसुइया उइके

Chhindwara Vistaar Samman 2026: मध्‍य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आज विस्‍तार सम्मान 2026 कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस आयोजन में पूर्व राज्यपाल अनसुइया उइके ने भी सहभागिता की. इस मौके पर विस्तार चैनल के इस मंच पर पूर्व राज्यपाल अनसुइया उइके ने छिंदवाड़ा के विकास, अपनी राजनीतिक यात्रा और मणिपुर के हालात पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा आज एक विकसित और संपन्न जिले की तरह दिखता है, जहां हर बड़ी कंपनी और एजेंसी की मौजूदगी है. आसपास के जिलों से तुलना करने पर छिंदवाड़ा हर मामले में आगे नजर आता है.

किसे दिया छिंदवाड़ा के विकास का श्रेय?

छिंदवाड़ा के विकास का श्रेय किसे दिया जाए, इस सवाल पर उइके ने संतुलित जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यहां लंबे समय तक कमलनाथ सांसद रहे और बाद में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने. उस समय केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार थी, इसलिए जिले के विकास में सभी सरकारों और नेताओं का कुछ-न-कुछ योगदान रहा है. उनके मुताबिक, यह विकास किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.

बड़ी जिम्मेदारियां निभाना गर्व की बात – अनसुइया उइके

अपने जीवन के संघर्षों का जिक्र करते हुए उइके ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारियां मिलेंगी. वे एक साधारण ग्रामीण परिवार से थीं और नौवीं कक्षा से छिंदवाड़ा में पढ़ाई शुरू की. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने घर-घर जाकर छोटे विज्ञापन बेचकर रोज एक रुपये कमाए और अपनी पढ़ाई जारी रखी. इसी संघर्ष ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी. उइके ने अपने पूरे सफर को संघर्ष, सेवा और जिम्मेदारी से जुड़ा अनुभव बताया और कहा कि छिंदवाड़ा से निकलकर बड़ी जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए गर्व की बात है.

प्रधानमंत्री ने दी थी छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल बनने की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें खुद भी इस जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अचानक फोन कर नई जिम्मेदारी देने की बात कही और बाद में उन्हें राज्यपाल बनाया गया. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को समझकर काम करने का निर्देश मिला था, क्योंकि वहां नक्सलवाद बड़ी चुनौती था.

मणिपुर के अनुभव पर क्‍या बोली अनसुइया उइके?

मणिपुर के अनुभव पर उन्होंने कहा कि वहां पहुंचने के कुछ ही समय बाद हिंसा भड़क गई, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी. उन्होंने बताया कि मणिपुर बेहद खूबसूरत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है, लेकिन अचानक हालात बिगड़ गए. उस समय उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और स्थिति संभालने की कोशिश की.

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