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म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, गुजरात और राजस्थान से MP साइबर ब्रांच ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया

Gang involved in buying and selling of mule bank accounts busted

म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का भंडाफोड़.

MP News: मध्यप्रदेश की ग्वालियर पुलिस की साइबर ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह में एमपी ऑनलाइन कियोस्क संचालक सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था. अब साइबर ब्रांच ने गुजरात और राजस्थान से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरिया, चीन और कैमरून में खातों को बेचने का काम करते थे.

गुजरात और राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार

साइबर ब्रांच ने गुजरात के शैलेन्द्र पटेल और राजस्थान के मुकेश चौधरी को साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है. ये ग्वालियर समेत अन्य प्रदेशों से कई बैंक खातों को विदेश में बेचने का काम करते थे. ये विदेश में बैठे साइबर ठगों से व्हाट्सएप के जरिए कनेक्टेड थे और नाइजीरिया, कैमरून ओर चीन में बैठे साइबर ठगों को ठगी के लिए भारतीय खातों को भेजते थे.

84 ATM, 9 मोबाइल समेत कई अन्य सामान बरामद

कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने ग्वालियर के नया बाजार स्थित बाबा महाकाल कियोस्क पर दबिश दी थी और संचालक नरेंद्र सिकरवार को दबोचा था. तलाशी के दौरान पुलिस ने कियोस्क से 84 एटीएम कार्ड, नौ मोबाइल फोन और फिनो बैंक की एटीएम किट बरामद की थी. इस मामले में पुलिस की जांच में सामने आया था कि कियोस्क जरिए खोले गए अधिकांश बैंक खाते देश के विभिन्न राज्यों में हुई साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हुए थे.

इसके बाद, पुलिस इस केस से जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई थी. ग्वालियर पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से प्राप्त राशि को यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जाता था. आरोपितों के मोबाइल चैट में नाइजीरिया, चीन समेत अन्य देशों के संपर्क सामने आए हैं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि अब तक कितनी राशि क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेश भेजी जा चुकी है.

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