MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार (4 मई) को ऋषि गालव यूनिवर्सिटी के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए. ये विश्वविद्यालय शिवपुरी लिंक रोड पर ग्राम बेला में बनेगा. मध्य भारत शिक्षा समिति इसका संचालन करेगी. इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत संघ के कई पदाधिकारी शामिल रहे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले के ग्राम बेला में आयोजित ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ के भूमिपूजन समारोह में सहभागिता की।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 4, 2026
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री @Indersinghsjp एवं कैबिनेट मंत्री श्री @tulsi_silawat सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।@DrMohanYadav51… pic.twitter.com/rGrxGD7LM4
110 करोड़ में बनकर तैयार होगा
- संघ से प्रेरित ये मध्य प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है.
- 55 बीघा जमीन पर इसका निर्माण किया जाएगा.
- यूनिवर्सिटी के निर्माण में 110 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
- नर्सिंग,पैरामेडिकल से लेकर मैनेजमेंट और इंजीनियर के कोर्स संचालित किए जाएंगे.
- इसे पूरा करने के लिए 3 साल का लक्ष्य रखा गया है.
- 18 जुलाई 2027 तक बनेगा और गुरु पूर्णिमा से पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा.
- 5000 से ज्यादा छात्र इस आवासीय विद्यालय में पढ़ेंगे.
कौन हैं ऋषि गालव?
- प्रसिद्ध ऋषि विश्वामित्र के शिष्य गालव रहे.
- हिंदू लोकमान्यताओं के अनुसार 60000 सालों तक भगवान शिव की कठिन तपस्या की थी.
- उन्होंने अपने गुरु विश्वामित्र को 600 श्यामवर्णी अश्व और माधवी देकर गुरुदक्षिणा का वचन पूरा किया था.
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- गालव ऋषि की तपोभूमि राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित गलताजी रही है.
- बताया जाता है कि ऋषि गालव के नाम पर ही ग्वालियर शहर का नाम रखा गया.
