MP News: कूनो के बाद अब एडवेंचर और हेरिटेज टूरिज्म पर फोकस, श्योपुर में होगी बोटिंग, किले बनेंगे हेरिटेज होटल
कूनो नेशनल पार्क
MP News: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुके श्योपुर जिले में अब पर्यटन को नया विस्तार देने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं. जिले में एडवेंचर और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने विभिन्न संभावित स्थलों का निरीक्षण किया है. टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है, जिसके बाद यहां नई पर्यटन गतिविधियों के शुरू होने की संभावना बढ़ गई है.
कुंवारी नदी में बोटिंग की संभावनाएं
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी रूपेश उपाध्याय, पर्यटन बोर्ड के संयुक्त संचालक संतोष श्रीवास्तव, सहायक संचालक ए.के. सिंह तथा वाटर स्पोर्ट्स विशेषज्ञ कमांडर राजेंद्र निगम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. टीम ने ग्राम इकलौद के समीप स्थित श्री गोपालदास बाबा समाधि स्थल के पास कुंवारी नदी का पेडल बोट के माध्यम से तकनीकी सर्वेक्षण किया.
बारहमासी जलस्तर बना आकर्षण
विशेषज्ञों के अनुसार नदी के इस हिस्से में लगभग तीन से चार किलोमीटर तक पर्याप्त जल उपलब्ध है, जिसकी गहराई 15 से 20 फीट तक है. स्थानीय ग्रामीणों ने भी बताया कि यहां सालभर पानी बना रहता है और गर्मी के मौसम में भी जलस्तर समाप्त नहीं होता. नदी के दोनों किनारों पर घनी हरियाली और दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी को देखते हुए इसे बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स और बर्ड वॉचिंग जैसी गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना गया है.
दिल्ली-आगरा के पर्यटकों को मिलेगा फायदा
वहीं कूनो नेशनल पार्क का पीपलबाड़ी गेट पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है. ग्वालियर और मुरैना से इसकी दूरी सड़क मार्ग से केवल दो से ढाई घंटे की है. इससे दिल्ली और आगरा जैसे शहरों के पर्यटक एक ही दिन में कूनो पहुंचकर चीता सफारी का आनंद ले सकेंगे. रेल और हवाई मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सुविधा काफी आसान और समय बचाने वाली साबित होगी.
किले में बनेगा हेरिटेज होटल
इसके साथ ही विजयपुर के ऐतिहासिक किले को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है. प्रशासन ने होटल निर्माण के लिए किले परिसर में लगभग 8 हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराई है. पर्यटन विभाग की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर इसकी व्यवहार्यता का आकलन किया.
टूरिज्म सर्किट से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
पर्यटन विभाग जिले के प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर एक व्यापक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है. डोब कुंड, पातालगढ़, त्रिवेणी संगम और रामेश्वर धाम जैसे स्थलों को कूनो से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यहां आने वाले पर्यटक अधिक समय तक जिले में ठहर सकें. इससे स्थानीय स्तर पर होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं, गाइड और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.
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