MP News: कराहल में जमीन पर बैठी CEO, महिला समूहों से किया सीधा संवाद, महिलाओं को लखपति क्लब से जोड़ने पर दिया जोर
जमीन पर बैठकर सीईओ ने महिलाओं से किया संवाद
रिपोर्ट – हेमकुमार तिवारी
MP News: श्योपुर जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सौम्या आनंद शुक्रवार को आदिवासी विकासखंड कराहल पहुंचीं. यहां उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित ग्राम स्तरीय संगठन कराहल की बैठक में भाग लिया.
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की तरह मंच पर बैठने के बजाय महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया.
सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई बैठक
जनपद पंचायत परिसर स्थित सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित बैठक में परियोजना अधिकारी विक्रम जाट, एनआरएलएम के गिर्राज मीणा, अनिल सक्सैना सहित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर
बैठक के दौरान सीईओ श्रीमती सौम्या आनंद ने ग्राम स्तरीय संगठन की पदाधिकारियों एवं सदस्याओं से विस्तार से चर्चा की. उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उनके अनुभव भी साझा करवाए. उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम हैं. यदि समूह संगठित होकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं.
लखपति क्लब से जोड़ने के दिए निर्देश
सीईओ ने संगठन के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि संगठन से जुड़े सभी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को “लखपति क्लब” से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को उसकी क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुसार आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके. इसके लिए समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए.
संगठन की उपलब्धियों की दी जानकारी
बैठक के दौरान ग्राम स्तरीय संगठन की सचिव श्रीमती कलिया बाई ने संगठन की कार्यप्रणाली, समूहों की उपलब्धियों तथा संचालित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि संगठन के माध्यम से महिलाएं विभिन्न रोजगारोन्मुखी कार्यों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं.
लोक अधिकार केंद्र का किया निरीक्षण
बैठक के बाद सीईओ श्रीमती सौम्या आनंद ने जेंडर कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित लोक अधिकार केंद्र का निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, महिलाओं को दिए जाने वाले कानूनी एवं सामाजिक परामर्श तथा जागरूकता गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति अधिक से अधिक जागरूक किया जाए और जरूरतमंद महिलाओं तक केंद्र की सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाएं.
तीनों विकासखंडों में संचालित हैं लोक अधिकार केंद्र
उल्लेखनीय है कि जिले के तीनों विकासखंड मुख्यालयों पर जेंडर कार्यक्रम के अंतर्गत लोक अधिकार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाओं को विभिन्न सामाजिक, कानूनी एवं पारिवारिक मामलों में सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है.
शक्ति सीएलएफ संगठन का भी किया निरीक्षण
इसके अलावा सीईओ ने आजीविका भवन में संचालित शक्ति सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) संगठन का भी निरीक्षण किया. उन्होंने संगठन की गतिविधियों, अभिलेखों एवं संचालन व्यवस्था का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों और उनके संगठनों को मजबूत बनाकर ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सकता है. जिला प्रशासन महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा.
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