Vistaar NEWS

Gwalior: कोर्ट के आदेश के बाद भी वर्दी में पहुंचे TI, जज ने दी अनोखी सजा, शाम तक कटघरे में खड़े रहे थाना प्रभारी

Gwalior News

जिला एवं सत्र न्यायालय, ग्वालियर

Gwalior: ग्वालियर की एक अदालत में बनी स्थिति जब चर्चा में आ गई जब कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी एक थाना प्रभारी पुलिस वर्दी पहनकर पेश हो गए. कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें वापस से सिविल ड्रेस पहनकर आने को कहा. लेकिन हैरानी तो तब हुई जब थाना प्रभारी दोबारा अदालत पहुंचे तो जज ने उन्हें अनोखी सजा सुनाई और देर शाम तक कटघरे में खड़ा रखा.

व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश

दरअसल विशेष न्यायाधीश सुनील दंडोतिया की अदालत ने विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र कुमार को एक मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे. आदेश में एकदम स्पष्ट रूप से कहा गया था कि उन्हें बिना पुलिस वर्दी के अदालत में उपस्थित होना है. लेकिन थाना प्रभारी वर्दी पहनकर पहुंच गए. थाना प्रभारी की इस हरकत को अदालत ने आदेश की अवहेलना मानकर नाराजगी जाहिर की और उन्हें वापस सिविल ड्रेस में आने को कहा.

अदालत ने की कठोर टिप्पणी

थाना प्रभारी की इस हरकत पर अदालत ने कठोर टिप्पणी करते हुए पूछा कि अगर इसी समय जेल तुम्हें जेल भेजना पड़े तो क्या वर्दी पहनकर जाएंगे. अदालत का मानना था कि जब आदेश स्पष्ट था, तब उसका पालन किया जाना चाहिए था. इस मामले पर कोर्ट की सख्ती से गंभीरता साफ नजर आ रही है.

शाम तक कटघरे में रहे मौजूद

उधर कोर्ट से मिले निर्देश को जब थाना प्रभारी सिविल ड्रेस में वापस अदालत पहुंचे. इसके बाद उन्हें देर शाम तक अदालत के कटघरे में मौजद रहने के लिए कहा गया. यहां तक की सुनवाई के दौरान भी वह लगातार अदालत में उपस्थित रहे. उन्होंने कीई बार अदालत के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश की.

क्या पूरा मामला?

दरअसल पूरा मामले देसी कट्टे की जब्दी से जुड़ा हुआ है. अदालत ने जब्त हथियार को पेश करने का आदेश दिया था लेकिन पुलिस उसे पेश नहीं कर सकी. इस पर कोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखिकर थाना प्रभारी की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे. कोर्ट ने ये भी कहा था कि अगर थाना प्रभारी अनुपस्थित पाए गए तो माना जाएगा कि संबंधित अधिकारी को संरक्षण दिया जा रहा है या फिर वरिष्ठ अधिकारियों का अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं हैं.

ये भी पढ़ें:Live: लोकसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकते हैं अमित शाह, FCRA बिल पर रहेगी सबकी नजर

Exit mobile version