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थाली सजती है…लेकिन कलाई सूनी रह जाती है, ग्वालियर की बहन को 4 साल से भाई के आने का इंतजार, जानें पूरा मामला

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ग्वालियर: रक्षाबंधन पर भाई के लिए थाली सजाती हैं मीतू भार्गव

Gwalior News: भाई-बहन के अटूट प्यार का त्योहार रक्षाबंधन, एक ऐसा दिन, जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की दुआ करती है. वहीं, ग्वालियर की एक बहन पिछले चार साल से अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार कर रही है. वजह है कि उसका भाई कतर की दोहा जेल में बंद है. हर साल रक्षाबंधन आता है, लेकिन भाई की कलाई सूनी रह जाती है. इस बार भी बहन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील की है कि उनके भाई को कतर की जेल से रिहा कराकर भारत वापस लाया जाए.

बहन की प्रधानमंत्री से गुहार

एक बहन हर साल राखी खरीदती है. थाली सजाती हैं. भाई की कलाई पर राखी बांधने का सपना देखती है लेकिन भाई सामने नहीं होता क्योंकि उनके भाई भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी पूर्णेन्दु तिवारी है. जो पिछले चार साल से कतर की जेल में बंद हैं. सात साथी भारत लौट चुके हैं लेकिन पूर्णेन्दु अब भी कतर में हैं. अब एक बहन की उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी है और इस रक्षाबंधन पर उनकी अपील है कि प्रधानमंत्री मेरे भाई को वापस ले आइए.

क्या है पूरा मामला?

पूर्णेन्दु तिवारी भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं. साल 2022 में कतर में नौसेना को ट्रेनिंग देने वाले आठ भारतीयों को गिरफ्तार किया गया था. उन पर जासूसी के आरोप लगाए गए. अक्टूबर 2023 में कतर की अदालत ने सभी आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाई. भारत सरकार ने मामले में कूटनीतिक प्रयास किए और फरवरी 2024 में सात पूर्व नौसैनिक अधिकारियों की रिहाई हो गई लेकिन पूर्णेन्दु तिवारी की कहानी अभी खत्म नहीं हुई. वो आज भी कतर में हैं और उनका परिवार आज भी उनके लौटने की राह देख रहा है.

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‘हर रक्षाबंधन पर उम्मीद जगती है’

पूर्णेंदु तिवारी की बहन मीतू भार्गव का कहना है कि हर रक्षाबंधन पर एक उम्मीद जगती है. शायद इस बार भाई आ जाएगा और फिर त्योहार बीत जाता है. इस बार बहन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे गुहार लगाई है. मीतू की आंखों में आंसू हैं लेकिन उम्मीद अब भी जिंदा है. उन्हें भरोसा है कि मोदी सरकार उनके भाई को वापस लाने की कोशिश करेगी.

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