मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है. नामीबियाई से आई मादा चीता आशा के 8 महीने के एक शावक की मौत हो गई है. श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता आशा ने फरवरी के महीने में पांच बच्चों को जन्म दिया था. अब एक शवाक की मौत हो जाने के बाद कुल 4 शावक बचे हैं. अभी शावक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ पाएगी.
नियमित मॉनिटरिंग के दौरान चला पता
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह नियमित मॉनिटरिंग की गई. इस दौरान मादा चीता आशा अपने पांच में से 4 शावकों के साथ नजर आई. एक शावक के गायब होने पर तुरंत उसकी तलाश शुरु की गई. टीम लगातार उसकी खोजबीन में जुटी रही. इसके बाद टीम को एक शावक मृत मिला.
पार्क प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी कर की पुष्टि
पार्क प्रबंधन ने 12 अक्टूबर को जारी जारी प्रेस नोट में एक शावक की मौत की पुष्टि की है. वहीं मौत के के सही कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इस शवाक की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर कुल 53 रह गई है. इनमें से भारत में जन्में 40 चीतें शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, इनमें से 15 चीतें जंगल में घूम रहे हैं.
चीतों की कुल संख्या अब 59 रह गई
पार्क द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गांधी सागर अभयारण्य में चार और वीरांगना दु्र्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीते मौजूद हैं. इस तरह भारत में चीतों की कुल संख्या अब 59 रह गई है. सागर के वीरांगना दु्र्गावती टाइगर रिजर्व में हाल ही में सीएम मोहन यादव ने इन दो चीतों को छोड़ा है. इसी के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र में करीब 100 साल बाद चीतों की वापसी हुई है.
ये भी पढे़ं- MP Cabinet Decisions: पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, MP में विशेष कैबिनेट, सीएम ने गिनाईं उपलब्धियां
