मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना के गृह जिले मुरैना से अन्नदाताओं की सेहत और उनकी फसलों से खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. जिले में पिछले कई महीनों से नकली डीएपी खाद का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था, स्टेशन रोड थाना इलाके के जेवराखेड़ा गांव के पास एक सूने मकान में चल रही इस नकली खाद फैक्ट्री पर थाना प्रभारी ने मुखवार की सूचना पर से छापा मारा है. इस मामले में कृषि विभाग के प्रतिवेदन पर पुलिस ने मकान मालिक, साजिशकर्ताओं और मजदूरों समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
इसके अलावा पुलिस ने 9 आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया है. मुख्य दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है जो लंबे समय से इस फैक्ट्री का संचालन कर नकली खाद डीएपी बना रहे थे. छापेमारी के दौरान मौके से आईपीएल (IPL) कंपनी के नाम की छपी हुई. बोरियां खाद पैक करने वाली मशीन और संदिग्ध खाद भारी मात्रा में बरामद की गई, इसके अलावा एक बोलेरो पिकअप गाड़ी से भी खाद की बोरियां मिली हैं.
350 से अधिक डीएपी खाद की बोरियां जब्त
पुलिस और प्रशासन ने मौके से 350 से अधिक डीएपी खाद की बोरियां और नकली खाद के कट्टे जब्त किए हैं, सूबे के कृषि मंत्री के गृह जिले में महीनों से यह अवैध खेल चल रहा था. जहां मुरैना के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के जेवराखेड़ा गांव के पास प्लाटिंग में बने दो कमरे के निर्माणाधीन मकान में अवैध रूप से नकली डीएपी खाद की पैकिंग की जा रही थी.
कृषि विभाग के एसडीओ राकेश कंसाना ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में राजस्थान के धौलपुर निवासी सूरज शर्मा और रिंकू बस्ई के नाम सामने आए हैं. दोनों ने मजदूरों को काम पर लगाकर खाद की पैकिंग का काम शुरू कराया था मौके से पिकअप चालक और मजदूरों सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है खाद की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.
11 लोगों पर मामला दर्ज
स्टेशन रोड पुलिस का कहना है कि कृषि विभाग के प्रतिवेदन पर 9 ज्ञात और 2 अज्ञात यानी कुल 11 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है. जांच के दौरान जिनके भी नाम सामने आएंगे उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया जाएगा, इस प्रकरण में पुलिस ने नौ लोगों को मकान मालिक सहित मजदूर और गाड़ी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा अभी दो आरोपी फरार हैं उनकी भी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है. एक आरोपी धौलपुर राजस्थान का रहने वाला है और दूसरा मुरैना जिले के बसई गांव का है.
जांच में जुटी पुलिस
इसके साथ ही पुलिस इस मामले की जांच को गंभीरता से करने में जुटी है अब यह देखना होगा कि इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं,वैसे तो मुरैना जिले में फसल बुवाई के सीजन से ठीक पहले कृषि मंत्री के गृह जिले में नकली खाद का यह कारोबार सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी है,बहरहाल पुलिस और कृषि विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से नकली खाद के अवैध कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है.
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