मुरैना: पढ़ाई छोड़ दफ्तरों के चक्कर काट रहा 10वीं का छात्र, जन्म प्रमाणपत्र के लिए मांगी जा रही रिश्वत

Morena: मुरैना जिले की पोरसा तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है क्योंकि यहां पर एक 10 वीं का छात्र अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लगाकर सरकारी ऑफिस के चक्कर काट रहा है.
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10 वीं का छात्र

Morena/मनोज शर्मा: मुरैना जिले की पोरसा तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है. यहां 10वीं कक्षा का एक छात्र पिछले डेढ़ माह से अपना जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है. परिजनों का आरोप है कि प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर उनसे निर्धारित प्रक्रिया से अधिक रकम की मांग की जा रही है.

छात्र से मांगी जा रही रिश्वत

परिजनों के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 200 रुपये के स्टाम्प की आवश्यकता बताई गई थी, लेकिन संबंधित लोगों द्वारा 500 रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है. आरोप है कि अतिरिक्त राशि नहीं देने पर फाइल को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा, जिसके कारण छात्र का काम लगातार अटका हुआ है.

भविष्य की शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए जरूरी

बताया जा रहा है कि छात्र को स्कूल संबंधी कार्यों और भविष्य की शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए जन्म प्रमाणपत्र की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन दस्तावेज न मिलने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं होने से परिवार में नाराजगी है.

प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है. एक ओर सरकार आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर एक छात्र को अपने मूल दस्तावेज के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.

अब पीड़ित छात्र और उसके परिजन प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा जल्द से जल्द जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग कर रहे हैं. मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

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