Morena: नगर निगम परिषद की बैठक गुरुवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई. बैठक शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए. नारेबाजी और तीखी नोकझोंक के चलते बैठक को स्थगित करना पड़ा. महापौर की अनुपस्थिति में हुई इस बैठक में भ्रष्टाचार और फर्जी हस्ताक्षरों का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया.
‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ से गूंजा हॉल
बैठक शुरू होते ही विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी. “भ्रष्टाचार बंद करो”, “चंदा चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगने से पूरा हॉल गूंज उठा. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. बैठक में सबसे बड़ा विवाद नेता प्रतिपक्ष द्वारा अभियाचित सम्मेलन बुलाने की मांग वाले पत्र को लेकर हुआ. नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने दावा किया कि इस पत्र पर चार भाजपा पार्षदों के हस्ताक्षर हैं.
लेकिन बैठक के दौरान संबंधित MIC सदस्यों ने कहा कि पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं. इस पर नेता प्रतिपक्ष भड़क गए. विनीत कंसाना ने चुनौती देते हुए कहा, “अगर हस्ताक्षर उनके नहीं हैं तो गंगाजल उठाकर कसम खा लें, या मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दें. हस्ताक्षर इन्हीं लोगों के हैं, अब ये लोग झूठ बोल रहे हैं. “दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और बहस तेज हो गई।
हंगामे के चलते बैठक स्थगित
लगातार हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के कारण बैठक को आगे नहीं बढ़ाया जा सका. महापौर के अनुपस्थित होने के कारण आखिरकार बैठक को स्थगित कर दिया गया. इस घटनाक्रम से साफ है कि निगम में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव गहराता जा रहा है. हस्ताक्षर वाला मामला अब और तूल पकड़ सकता है
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