रिपोर्ट – मनाेज शर्मा
Morena News: मध्य प्रदेश में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, लेकिन मुरैना से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पढ़े-लिखे युवा स्कूल में जॉइनिंग पाने के लिए शिक्षा अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ने और पैर छूने तक को मजबूर नजर आ रहे हैं.
रिठौरा हाई स्कूल का मामला
पूरा मामला मुरैना विकासखंड के रिठौरा हाई स्कूल का है. यहां संस्कृत विषय के अतिथि शिक्षक राघवेंद्र पाठक पिछले वर्ष से अपनी सेवाएं दे रहे थे. इस वर्ष भी उन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत उसी विद्यालय का चयन किया, लेकिन उनका आरोप है कि विद्यालय के प्राचार्य शिवशंकर तिवारी रिक्त पद होने के बावजूद उन्हें जॉइनिंग नहीं दे रहे हैं.
पैसों की मांग का आरोप
राघवेंद्र पाठक का आरोप है कि पिछले वर्ष भी उनसे कथित रूप से पैसों की मांग की गई थी. उनका कहना है कि बेरोजगार होने के कारण वह पैसे नहीं दे सके, जिसके चलते इस बार भी उन्हें जॉइनिंग से वंचित किया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का बयान अभी सामने आना बाकी है.
अधिकारियों के सामने लगाई गुहार
पीड़ित शिक्षक का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद में कलेक्टर कार्यालय से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक लगातार गुहार लगा रहे हैं. उनका आरोप है कि कई बार अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर और पैर छूकर भी उन्होंने अपनी बात रखी, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है. वहीं, प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
ये भी पढे़ं- एक गरीब को नगर परिषद ने बना दिया करोड़पति, मुरैना में पीड़ित परिवार 15 सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा
