MP News: फैक्ट्रियों से निकलने वाला कैमिकल बना जहर, क्वारी नदी में बिछी हजारों मछलियों की लाशें
क्वारी नदी में बिछीं हजारों मछलियों की लाशें
MP News: मुरैना जिले के दिमनी क्षेत्र में क्वारी नदी में सोमवार सुबह हजारों मरी हुई मछलियां पानी की सतह पर तैरती हुई मिलीं. इस भयावह नजारे का वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला कैमिकल युक्त अपशिष्ट नालों के जरिए सीधे क्वारी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का पानी दूषित हो गया और बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो गई. ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि इसी नदी का पानी पीने वाले पशुओं की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है.
नालों के जरिए नदी में पहुंच रहा औद्योगिक अपशिष्ट
जांच में सामने आया कि जिन नालों में औद्योगिक अपशिष्ट छोड़ा जाता है, वे सीधे क्वारी नदी में जाकर मिलते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार कैमिकल युक्त पानी के कारण नदी में ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित होता है, जिससे मछलियां दम घुटने (सफोकेशन) के कारण मर जाती हैं.
विशेषज्ञ ने जताया स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
जलीय जीव विशेषज्ञ डॉ. विनायक सिंह तोमर ने बताया कि यदि फैक्ट्रियों का रासायनिक अपशिष्ट नदी में मिल रहा है तो इससे पानी की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित होती है. ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि मरी हुई मछलियों का सेवन करने से कैंसर और लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
12 दिनों से बंद पड़ा है सीवर ट्रीटमेंट प्लांट
इधर, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के ऑपरेटर अभिषेक राजपूत ने बताया कि मशीन की रिले खराब होने के कारण पिछले 12 दिनों से प्लांट बंद पड़ा है. इसके चलते सीवर का पानी फिल्टर नहीं हो पा रहा है, जिससे प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो सकती है.
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
वहीं, जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने कहा कि पूरे मामले की जांच एसडीएम से कराई जाएगी. यदि जांच में फैक्ट्रियों द्वारा कैमिकल युक्त पानी नदी में छोड़े जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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