Scindia family property dispute: सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये के संपत्ति विवाद में गुरुवार (10 सितंबर) को उस समय नया मोड़ आ गया जब प्रतिमा देवी की अर्जी को कोर्ट में स्वीकार कर ली गई. इसके साथ ही संपत्ति में उनके दावे को इसमें शामिल कर लिया गया है. इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी.
नेपालगंज वाले पते पर भेजे गए नोटिस
प्रतिमा देवी की ओर से ग्वालियर कोर्ट में उनके दामाद प्रतीक कार्की पेश हुए. उन्होंने पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी मां पद्माराजे सिंधिया इस राजपरिवार की बेटी थीं. इसे आधार बनाकर संपत्ति पर दावा किया है. याचिकाकर्ता प्रतिमा देवी की ओर से पहले वसीयत और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज को लेकर आपत्ति जताई थी. उनकी ओर से ये भी कहा गया कि वे नेपाल की राजधानी काठमांडू में रहती हैं. कुछ नोटिस को उनके नेपालगंज वाले पते पर भेजा गया, इस वजह से उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिल पाई.
कौन हैं प्रतिमा देवी?
प्रतिमा देवी जिन्होंने सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति पर दावा किया है. वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ हैं. प्रतिमा पद्माराजे सिंधिया की की बेटी है. इनका विवाह त्रिपुरा राजघराने में हुआ था. उनके साथ उनकी बहन कनिका देवी को भी पक्षकार बनाया गया है.
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क्या है संपत्ति विवाद?
दरअसल, ये पूरा संपत्ति विवाद 41 हजार करोड़ रुपये का बताया जा रहा है. इसमें ग्वालियर का जय विलास पैलेस, उज्जैन का कलियादह पैलेस, शिवपुरी का माधव पैलेस, दिल्ली और पुणे समेत कई शहरों में स्थित संपत्तियां शामिल हैं. इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले 1000 पन्नों का रिकॉर्ड तैयार किया गया था, जिस पर सहमति नहीं बनी थी. इसके बाद ग्वालियर कोर्ट में कैविएट दायर किया गया.
