IAS Priyank Mishra: कौन हैं आईएएस प्रियंक मिश्रा? कौशलेंद्र विक्रम सिंह की जगह बने भोपाल के नए कलेक्टर

IAS Priyank Mishra: 26 IAS अफसरों का तबादला कर दिया गया. इनमें 14 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं. साल 2013 बैच के IAS अधिकारी प्रियंक मिश्रा का धार से भोपाल तबादला करते हुए, उन्हें कलेक्टर बना दिया गया है.
IAS Priyank Mishra Appointed as Bhopal Collector

IAS प्रियंक मिश्रा

IAS Priyank Mishra: मध्य प्रदेश में गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई. 26 IAS अफसरों का तबादला कर दिया गया. इनमें 14 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं. साल 2013 बैच के IAS अधिकारी प्रियंक मिश्रा का धार से भोपाल तबादला करते हुए, उन्हें कलेक्टर बना दिया गया है.

कटनी में कलेक्टर रहे

  • IAS प्रियंक मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं.
  • आईएएस ने अर्थशास्त्र से एमफिल किया है.
  • वे साल 2013 बैच के IAS अधिकारी हैं.
  • उन्होंने साल 2020 से 2022 तक कटनी जिले में कलेक्टर के तौर पर सेवाएं दीं.
  • इसके बाद उनका ट्रांसफर धार कर दिया गया. वे यहां साल 2022 से 2026 तक कलेक्टर रहे.
  • जबलपुर जिला पंचायत CEO भी रह चुके हैं.

शिवराज सिंह चौहान की गुडबुक में रहे

  • कटनी कलेक्टर रहते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सुकन्या समृद्धि के 31904 खाते खुलवाए थे.
  • IAS प्रियंक मिश्रा की इस उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था.
  • प्रियंक मिश्रा को पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की गुडबुक में माना जाता था.

सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं

धार जिला कलेक्ट्रेट भवन में आयोजित एक बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने माइनिंग इंस्पेक्टर संदेश पिपलोदिया पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. इसके बाद IAS प्रियंक मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए पद से हटा दिया था. प्रशासनिक जांच के आदेश भी दिए थे.

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वसंत पंचमी की पूजा

धार का कलेक्टर रहते हुए किसी भी अधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है, भोजशाला में शुक्रवार के दिन वसंत पंचमी की पूजा और जुम्मे की नमाज को शांति से संपन्न कराना. इस साल यानी 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी और जुम्मे की नमाज एक साथ आई. IAS प्रियंक मिश्रा के कलेक्टर ने सूझबूझ का परिचय दिया. हिंदू और मुस्लिम पक्ष दोनों को बराबरी से मौका दिया गया. सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति दी गई और 15 नमाजियों को नमाज अदा की इजाजत दी गई.

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