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Indore Water Crisis: इंदौर में दूषित पानी बना मौत का कारण, CAG रिपोर्ट की अनदेखी ने छीनी 15 जिंदगियां

Comptroller and Auditor General of India

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

Indore Water Crisis: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने इंदाैर दूषित पानी मामले में कहा कि यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि ‘स्वच्छ शहर’ के रूप में चर्चित इंदौर में दूषित पानी पीने से लगातार मौतें हो रही हैं. खबरों के अनुसार अभी तक 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है.

लगातार हो रही मौतें हमारी व्यवस्थागत कमजोरी और वर्षों से ज्ञात कमियों का परिणाम हैं. साथ ही भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट संख्या 3/2019 में इंदौर एवं भोपाल की जलप्रदाय व्यवस्था के बारे में किए गए गंभीर खुलासों और उनकी अनुशंसाओं की अनदेखी भी इसका कारण है.

रिपोर्ट के प्रमुख अंश इस प्रकार थे

CAG रिपोर्ट को नजरअंदाज करना गंभीर अपराध

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया के साथी अमूल्य निधि ने कहा कि CAG जैसे महत्वपूर्ण संस्थान द्वारा जन स्वास्थ्य विषयों पर किए गए गहन ऑडिट और लोगों की जिंदगी बचाने के लिए की गई. अनुशंसाओं को नजरअंदाज करना एक गंभीर अपराध है. क्योंकि इसका खामियाजा हमने 15 लोगों की जान देकर भुगता है.

जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश ने आज इंदौर शहर के दूषित पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील, लोक स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग मंत्री और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर देश एवं प्रदेश की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही CAG रिपोर्ट में किए गए खुलासों के आधार पर पूरे देश और प्रदेश में पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग की है.

पत्र में की गई प्रमुख मांगें

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