MP News: भिंड में धार्मिक पहचान को लेकर सरेआम मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बायपास क्षेत्र में भिक्षा मांग रहे दो कथित साधुओं से एक युवक ने पूछताछ के बाद मारपीट कर दी. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है.
साधुओं से मांगा ब्राह्मण होने का प्रमाण
यह घटना भिंड शहर के बायपास क्षेत्र स्थित निरंजन बाटिका के पास की बताई जा रही है. यहां भिक्षा मांग रहे दो कथित साधु भगवा चोला पहने हुए मौजूद थे, तभी एक युवक वहां पहुंचा और उनसे सवाल-जवाब करने लगा. युवक ने साधुओं से उनकी जाति और धार्मिक पहचान के बारे में सवाल पूछे. आरोप है कि उनसे ब्राह्मण होने का प्रमाण भी मांगा गया. युवक ने साधुओं से महाभारत के पात्रों के नाम पूछे. इसके साथ ही भगवान शंकर की पत्नी, लक्ष्मण की पत्नी और रामायण से जुड़ी चौपाइयों के बारे में भी सवाल किए गए.
युवक ने किया साधुओं के बैग में आपत्तिजनक सामग्री होने का दावा
बताया जा रहा है कि साधु इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे युवक आक्रोशित हो गया और उन्हें नकली साधु बताते हुए आरोप लगाने लगा. वीडियो में युवक यह कहते हुए भी नजर आ रहा है कि साधुओं के पास मौजूद कुछ दस्तावेज उर्दू भाषा में लिखे हुए थे. उसने सवाल उठाया कि यदि वे हिंदू साधु हैं तो उर्दू में कागजात क्यों रखे हैं. युवक ने साधुओं के बैग में आपत्तिजनक सामग्री होने का दावा भी किया, हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. आरोप है कि इसके बाद युवक ने दोनों कथित साधुओं के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी. वीडियो में एक साधु के बाल पकड़कर खींचते हुए भी साफ देखा जा सकता है.
मौके पर मौजूद लोगों ने नहीं की बीच-बचाव की कोशिश
घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे. किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई. मारपीट के बाद दोनों कथित साधु डरे-सहमे नजर आए. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई है या नहीं.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है. वीडियो फुटेज जब्त कर लिए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है. धार्मिक पहचान के आधार पर पूछताछ करना और मारपीट करना गंभीर अपराध है. जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
