Vistaar NEWS

MP News: रेत खदान ठेका छोड़ना पड़ेगा महंगा, एक साल से पहले सरेंडर नहीं कर सकेंगे ठेकेदार, नुकसान की भरपाई भी करनी होगी

sand mine

रेत खदान

MP News: मध्य प्रदेश में रेत खदानों का ठेका लेकर बीच में छोड़ना अब ठेकेदारों को भारी पड़ेगा. राज्य सरकार ने रेत खनन से जुड़े नियमों में सख्ती करते हुए ठेकेदारों पर नई शर्तें लागू कर दी हैं. अब यदि कोई ठेकेदार बीच अवधि में रेत खदान का ठेका छोड़ता है और दोबारा होने वाली नीलामी में ठेका मूल्य कम प्राप्त होता है, तो शेष अवधि के लिए हुए राजस्व नुकसान की भरपाई पुराने ठेकेदार को ही करनी होगी. इसके साथ ही एक नई शर्त जोड़ी गई है कि रेत खदान का ठेका लेने के बाद ठेकेदार उसे कम से कम एक साल तक सरेंडर नहीं कर सकेगा.

खनिज विभाग ने किया नियमों में संशोधन

खनिज विभाग ने इसके लिए मध्य प्रदेश रेत खनन, परिवहन, भंडारण एवं व्यापार नियमों में संशोधन कर दिया है. संशोधित नियमों के तहत अब सभी प्रकार की रेत खदानों के ठेके के लिए एक समान प्रारंभिक आधार मूल्य (अपसेट प्राइज) तय किया गया है. समूह की निविदा में शामिल सभी खदानों में उपलब्ध रेत की कुल मात्रा (घन मीटर में) के योग का 250 गुना (रुपयों में) उस समूह का प्रारंभिक आधार मूल्य होगा. हालांकि, रेत की मांग के आकलन के आधार पर खदानों की कुल मात्रा से अलग मात्रा निर्धारित करने का प्रावधान भी रखा गया है.

ठेका छोड़ने पर बढ़ेगा आधार मूल्य

यदि माइन डेवलपर कम ऑपरेटर (एमडीओ) द्वारा ठेका समर्पित किया जाता है और समूह की पुनर्निविदा की जाती है, तो उस समूह का प्रारंभिक आधार मूल्य मूल अनुबंध की तिथि से ठेका समर्पण की प्रभावी तिथि तक की अवधि के लिए प्रत्येक वर्ष या उसके भाग के लिए 10 प्रतिशत की दर से बढ़ाया जाएगा.

ठेकेदार की राशि जब्त करेगा खनिज विभाग

रेत खदानों के ठेके के लिए अब बैंक गारंटी की वैधता अवधि निविदा आमंत्रण की तिथि से 240 दिन होगी. पहले यह अवधि 180 दिन थी. वहीं, यदि सफल ठेकेदार सात दिन में निर्धारित राशि जमा नहीं कर पाता है, तो वह कारण बताते हुए अतिरिक्त समय की मांग कर सकेगा.

समुचित कारणों पर खनिज निगम अधिकतम 10 दिन का अतिरिक्त समय दे सकेगा. इसके बाद भी राशि जमा नहीं होने पर निविदा निरस्त कर दी जाएगी और जमा की गई अग्रिम राशि निगम द्वारा जब्त कर ली जाएगी. इसके बाद पुनः ई-निविदा सह नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

ये भी पढे़ं- तबादले के 6 माह बाद खाली नहीं किया सरकारी आवास तो देना होगा 90 हजार तक जुर्माना, गृह विभाग का आदेश

Exit mobile version