MP News: इंदौर में दूषित पानी की वजह से अब तक 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भागीरथपुरा इलाके के घरों से पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया था. इसकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई. इस रिपोर्ट में दूषित पानी की पुष्टि हुई है. महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में पानी के नमूनों की जांच हुई. स्वास्थ्य विभाग की टीम को पानी दूषित मिला.
विस्तृत रिपोर्ट आनी बाकी है- जिला कलेक्टर
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट गंदे पानी की ओर इशारा कर रही है. हम एमजीएम कॉलेज में इसकी कल्चर जांच भी करा रहे हैं. इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट आनी बाकी है, सारी बात इसके बाद पता चलेंगी.
‘डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है’
जिला कलेक्टर ने बताया कि गुरुवार को 13 मरीज एडमिट कराए गए हैं. डोर-टू-डोर हमारी टीम जाकर सर्वे कर रही है. ये देख रही है कि किसी मरीज में लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उन्हें चिह्नित कर रही है. इसके साथ ही क्लोरीन की टैबलेट और ओआरएस सॉल्यूशन की किट वितरित की जा रही है. अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए बताया अभी 201 मरीजों का इलाज निजी और सरकारी हॉस्पिटल में जारी है, आज (गुरुवार 1 जनवरी) 71 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया.
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‘कॉलोनी की माइक्रो चेकिंग की जा रही’
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पानी में सीवरेज का पानी मिला हुआ है और वो दूषित है इसलिए उसका ट्रीटमेंट पहले से जारी था. अभी भी वही ट्रीटमेंट जारी है. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस चौकी के पास सीवरेज का पानी मिला, अन्य जगह भी 100 फीसदी इसकी जांच कराएंगे. पूरी कॉलोनी की माइक्रो चेकिंग के लिए 8 से 10 दिनों का समय लगेगा.
