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इंदौर अग्निकांड मामले में कांग्रेस ने की हाईलेवल जांच की मांग, बिजली कंपनी के अधिकारियों पर दर्ज हो गैर इरादतन हत्या का केस

Indore Fire Tragedy

इंदौर अग्निकांड

Indore Fire: इंदौर अग्निकांड मामले में कांग्रेस ने जिला कलेक्टर से हाई लेवल कमेटी द्वारा जांच कराने की मांग की है. इस मामले में बिजली कंपनी के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है.

परिवार का दावा – गाड़ी चार्जिंग पर नहीं लगी थी

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया था कि इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से घर में आग लगी. वहीं, इससे उलट परिजनों ने दावा किया है कि ईवी कार चार्जिंग पर लगी ही नहीं थी. इसी आधार पर कांग्रेस हमलावर है और कहना है कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बच रही है. ईवी कार पर ठीकरा फोड़ रहे हैं.

कांग्रेस का क्या कहना है?

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया का कहना है कि आग लगने के कारणों में सबसे बड़ी वजह है बिजली व्यवस्था में खामियां. उन्होंने कहा कि इलाके में बिजली के तार बेतरतीब तरीके से फैले हुए हैं, और तारों का जाल फैला हुआ है. वोल्टेज के कम और ज्यादा होने से आग लगी. ये स्थिति सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही को दिखाता है.

इसके साथ ही कांग्रेस ने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कहा कि हादसे के समय फायर ब्रिगेड का समय पर ना पहुंचना. इसके बाद गाड़ी का मौके पर पहुंचने के बाद खराब हो जाना चिंताजनक है.

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आठ लोगों की हुई थी मौत

इंदौर के बृजश्वेरी कॉलोनी में 18 मार्च को रबर कारोबारी के घर आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई. जांच में पाया गया कि घर के बाहर ईवी कार चार्जिंग पर लगी हुई थी. जिसमें शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया था. मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया था.

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