Indore News: मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर ‘जहरीले’ पानी को लेकर चर्चाओं में आ गया है. शहर के भागीरथपुरा इलाके में हाल ही में दूषित पानी पीने से करीब 22 लोगों की मौत का मामला सामने आया था, जो अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था. इस बीच अब महू में दूषित पानी पीने की वजह से 22 लोग बीमार हो गए हैं. सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा देर रात मरीजों से मिलने के लिए महू पहुंचे.
आधी रात को अस्पताल पहुंचे कलेक्टर
महू के पट्टी बाजार, चंदर मार्ग में दूषित पानी पीने की वजह से 22 लोगों के बीमार होने की खबर से हड़कंप मच गया है. इस मामले की जानकारी मिलते ही इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा आधी रात को महू पहुंचे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रभावित मार्ग पर रहवासियों से चर्चा की.
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
- मरीजों और रहवासियों से मुलाकात के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी का समुचित उपचार किया जाए.
- उन्होंने महू कैंट बोर्ड को भी पानी की जांच करने और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए.
स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
- महू में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है.
- 23 जनवरी की सुबह CMHO डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर स्वस्थ विभाग का अमला मौके पर पहुंचा.
- क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर ने भी पीड़ितों से अस्पताल में मुलाकात की.
मरीजों से मुलाकात के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों का इलाज जारी है. पूरे मामले पर शासन लगातार नजर बनाए हुए हैं. क्षेत्र में सर्वे भी शुरू किया जाएगा. जिन लोगों में किसी तरह के भी लक्षण पाए जाएंगे उन्हें घर पर भी उपचार दिया जाएगा. गंभीर मरीजों का अस्पताल में इलाज किया जाएगा. फिलहाल कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है. भर्ती मरीजों में भी कुछ लोगों को कल डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.
भागीरथपुर में दूषित पानी से 22 लोगों की मौत
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में कुछ दिनों पहले दूषित पानी की वजह से 22 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया था. यह मामले देश भर में सुर्खियों में रहा. कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इंदौर पहुंचे थे. उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पीड़ित लोगों से मुलाकात की थी. साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए 1-1 लाख रुपए का चेक भी दिया था.
